Thursday , 29 July 2021

सीवर सफाईकर्मियों की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर पीआईएल, सरकार से जवाब तलब

प्रयागराज (Prayagraj). उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj)में सीवर की खुदाई मैन्युअली करने वाले सफाईकर्मियों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दाखिल की गई है. मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और नगर निगम, प्रयागराज (Prayagraj)से जवाब तलब किया है. लॉ कॉलेजों में पढ़ने वाले विधि छात्र-छात्राओं अनु‌प्रिया यादव व सात अन्य ने ये याचिका दाखिल की है.

विधि छात्रों ने प्रयागराज (Prayagraj)और कुछ अन्य जिलों में मैन्युअल काम करने वाले सफाईकर्मियों के जीवन का अध्ययन किया है. इसी आधार पर एक रिपोर्ट तैयार कर जनहित याचिका दाखिल की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुनर्वास के लिए 2013 में बनाए गए एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस अनिल कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ में इस पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने सुनवाई के बाद यूपी सरकार और प्रयागराज (Prayagraj)नगर निगम से जवाब तलब किया है.

वहीं दूसरी तरफ हाईकोर्ट में एनसीआर में शामिल यूपी के जिलों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार (State government) से जवाब मांगा है. उदय एडूकेयर एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में प्रदूषण के लिए मुख्य रूप से आरा मशीनों को जिम्मेदार बताया गया है. हाईकोर्ट ने 26 अप्रैल को राज्य सरकार (State government) को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है. चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस अनिल कुमार श्रीवास्तव प्रथम की बेंच में सुनवाई हुई.

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