Thursday , 3 December 2020

अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों के लिए न हो रेमडेसिवीर का इस्तेमाल


नई दिल्ली (New Delhi) . विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के एक पैनल ने शुक्रवार (Friday) को कहा गिलियड की दवा रेमेडिसविर अस्पताल में भर्ती कोविड-19 (Covid-19) के मरीजों के लिए नहीं हैं फिर चाहें वे कितने भी बीमार क्यों न हों. पैनल ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है जो ये कहे कि दवा से मरीज की हालात बेहतर होती है या दवा वेंटिलेशन की आवश्यकता को कम करती है. गाइडलाइन्स में कहा गया कि पैनल को ऐसे सबूतो की कमी दिखी जिनमें ये बताया गया हो कि रेमेडिसविर ने मृत्यु दर को कम किया या वेंटिलेशन की जरूरत को कम किया हो. ये गाइडलाइन्स दवा के लिए एक बड़ा झटका है.

ये ही वो दवा है जिसने शुरुआती परीक्षण के बाद गर्मियों में कोविड -19 के लिए संभावित प्रभावी उपचार के रूप में दुनिया भर में ध्यान आकर्षित किया और कुछ वादे दिखाए. अक्टूबर के अंत में गिलियड ने रेमेडिसविर की बिक्री की भविष्यवाणी की अपेक्षा कम मांग और कठिनाई का हवाला देते हुए अपने 2020 के राजस्व पूर्वानुमान में कटौती की. एंटीवायरल दवा दुनिया भर में कोविड -19 रोगियों के इलाज के लिए अधिकृत केवल दो दवाओं में से एक है, लेकिन सॉलिडैरिटी ट्रायल के रूप में ज्ञात एक बड़े डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व वाले परीक्षण ने पिछले महीने दिखाया था कि 28-दिवसीय मृत्यु दर या लंबाई पर इसका कम या कोई प्रभाव नहीं था. यह दवा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कोरोनावायरस संक्रमण का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से एक थी और पिछले अध्ययनों में दिखाया गया था कि ये दवा रिकवरी के समय में कटौती करती थी. यह 50 से अधिक देशों में कोविड -19 उपचार के रूप में उपयोग के लिए अधिकृत है.

गिलियड ने सॉलिडैरिटी ट्रायल के परिणामों पर सवाल उठाया है. डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देश विकास समूह जीडीजी पैनल ने कहा कि इसकी सिफारिश एक सबूत की समीक्षा पर आधारित थी जिसमें कोविड -19 के साथ अस्पताल में भर्ती 7,000 से अधिक रोगियों को शामिल करने वाले चार अंतरराष्ट्रीय यादृच्छिक परीक्षणों के डेटा शामिल थे.