Sunday , 7 June 2020
गणेश पूजा से पहले कलाकारों को राहत, एक साल के लिए हटाई गई पीओपी पर रोक

गणेश पूजा से पहले कलाकारों को राहत, एक साल के लिए हटाई गई पीओपी पर रोक


मुंबई (Mumbai) , . कोरोना (Corona virus) के चलते दो महीने के लॉकडाउन (Lockdown) से देश में आम आदमी की जीविका पर भारी असर पड़ा है. खासकर छोटे कारोबारियों, नौकरीपेशा, प्रवासी मजदूर और मूर्ति बनाने वाले कलाकारों के जीवन के सामने अंधेरा दिख रहा है. इस बीच केंद्र सरकार (Government) के एक नए फैसले ने मूर्ति बनाने वाले कलाकारों को तत्काल राहत दे जरूर दे दी है. दरअसल केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गणपति की मूर्ति बनाने में प्रयोग किए जाने वाले प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) पर लगी रोक एक साल के लिए हटा दी है.

यानी प्लास्टर ऑफ पेरिस के प्रयोग पर लगने वाली रोक अगले साल से लागू होगी. इससे पहले सरकार (Government) ने प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों की बिक्री पर रोक लगा दी थी, लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से परेशान कलाकारों को राहत देने के लिए सरकार (Government) ने इस निर्णय को एक साल के लिए टालने का फैसला किया है. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, ‘गणेश मूर्ति के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस पर पाबंदी का निर्णय एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है. इससे इस साल जिनकी मूर्तियां बनी हैं उनको नुकसान नहीं होगा.” इस फैसले से उन कलाकारों को राहत मिलेगी, जिन्होंने मूर्तियां बनाने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस खरीद ली थी.

या गणेश पूजा और दुर्गा पूजा को देखते हुए मूर्ति बनाने का काम शुरू कर दिया था. हालांकि कलाकारों के लिए अभी भी मजदूरों की कमी एक समस्या रहेगी. क्योंकि 21 अगस्त को गणपति उत्सव का पहला दिन है और लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से काम शुरू करने में पहले ही काफी देरी हो चुकी है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र (Maharashtra) में गणपति उत्सव काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. प्रायः राज्य भर के हर एक घर में गणेश जी की छोटी बड़ी मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की जाती है. लॉक डाउन के चलते मूर्तिकारों का कहना था कि, ’21 अगस्त गणपति उत्सव का पहला दिन है. समय भाग रहा है, अब तक हम असल में मूर्तियां बनाना शुरू कर देते थे, लेकिन इस बार ऑर्डर तो भूल जाइए, हमें मूर्तियां बनाने के लिए जमीन तक नहीं मिली है. हमारे पास कच्चा माल नहीं है. कच्चा माल अन्य राज्यों से आता है. उसका भी इंतजाम कर लिया जाए तो मजदूर कहां से मिलेंगे. 50 फीसदी से ज्यादा मजदूर वापस अपने गांव चले गए हैं.’ बहरहाल अब केंद्र सरकार (Government) के फैसले से मूर्तिकारों को थोड़ी बहुत राहत मिल गई है.