उत्पाद शुल्क में कटौती से मिली राहत, युद्ध के बीच ईंधन की कीमतों में उछाल रोकने में मदद: नागरिक

New Delhi, 27 मार्च . केंद्र Government द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने के फैसले का स्वागत करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने Friday को कहा कि यह कदम वैश्विक संघर्षों के कारण ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि से उपभोक्ताओं को राहत देगा.

से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम मौजूदा भू-Political तनावों के बीच ईंधन की कीमतों में तीव्र वृद्धि को रोकने में मदद करेगा.

राजकोट के अवि मकवाना ने कहा कि Government का यह कदम सकारात्मक है और इससे ईंधन की कीमतों को स्थिर करने और छोटे व्यापारियों को राहत देने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कारोबारों पर पड़ता है, खासकर जमीनी स्तर पर.

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कीयूर अनोरकट ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव ने वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, जिससे कई देशों में कीमतें बढ़ गई हैं.

उन्होंने बताया कि जहां Pakistan और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है, वहीं India Government द्वारा पेट्रोल और डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती से मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

संगरूर में, पंजाब पेट्रोलियम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विनोद बंसल ने कहा कि शुल्क में कटौती से खुदरा कीमतों में तुरंत कमी नहीं आएगी, लेकिन इससे तेल विपणन कंपनियों को काफी राहत मिलेगी.

उन्होंने समझाया कि इस कदम से नुकसान की भरपाई करने और युद्ध जैसी स्थिति के कारण होने वाली अपरिहार्य मूल्य वृद्धि को रोकने में मदद मिलेगी.

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति श्रृंखलाएं सुचारू रूप से चल रही हैं.

एक अन्य स्थानीय निवासी सुखदीप सिंह ने इस निर्णय को लाभकारी बताते हुए कहा कि अनिश्चितता भरे समय में यह अंततः उपभोक्ताओं को किसी न किसी रूप में सहायता प्रदान करेगा.

इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी से उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों से राहत मिलेगी.

social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच घरेलू खपत को बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों ईंधनों पर 10 रुपए प्रति लीटर की शुल्क कटौती की गई है.

एमएस/

Leave a Comment