जम्मू-कश्मीर, 3 अप्रैल . लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित होने के बाद भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा कि लोकसभा में यह बिल वक्फ की संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है.
गुरुवार को वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर न्यूज एजेंसी से भाजपा नेता रविंदर रैना ने बातचीत की.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में इस बात पर जोर दिया कि वक्फ बिल का उद्देश्य केवल वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित करना और उनका दुरुपयोग रोकना है. कुछ लोगों के द्वारा वक्फ संपत्तियों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, और इस बिल के माध्यम से कब्जा की गई संपत्तियों को पुनः प्राप्त किया जाएगा. यदि इन संपत्तियों का उचित प्रबंधन किया जाए, तो अकेले उनके किराये की आय करोड़ों में होगी. इस आय का इस्तेमाल गरीब मुसलमानों के लिए किया जाएगा.
भाजपा नेता रविंदर रैना ने आगे कहा कि जिस तरह से लोकसभा में वक्फ बिल को लेकर चर्चा हुई है. उससे एक बात तो देश के सामने आई है कि वक्फ में कुप्रबंधन बड़े पैमाने पर हुआ है. लाखों करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्ति गैरकानूनी तरीके से कुछ लोगों ने कब्जा कर ली.
उन्होंने कहा कि जो विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं. उन्हें यह समझना चाहिए कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ बिल पेश होने के दौरान सदन में कहा कि यह वक्फ बिल वक्फ बोर्ड की जमीनों को सुरक्षा प्रदान करेगा. जिन लोगों के द्वारा वक्फ की संपत्तियों को दुरुपयोग किया जा रहा है. वह वक्फ के हवाले कराया जाएगा. ताकि वक्फ अपने उस मकसद को पूरा कर सके, जिसके तहत बोर्ड अस्तित्व में आया था.
भाजपा नेता ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी सदन में कहा है कि कुछ सियासी जमात वोट बैंक के लिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है. लेकिन, वक्फ की संपत्ति पर गरीब मुसलमानों का भी हक है. वक्फ बिल को लेकर देश के बड़े-बड़े इस्लामिक स्कॉलर ने भी यह माना है कि यह बिल मुसलमानों के पक्ष में है. इसीलिए, उनका नजरिया भी बिल के प्रति बदला है.
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डीकेएम/जीकेटी