Saturday , 5 December 2020

राज्यसभा निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का नामांकन खारिज, ईसी से करेंगे शिकायत, अखिलेश से की भेंट

लखनऊ (Lucknow) . यूपी में संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए चुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने वाले प्रकाश बजाज ने नामांकन खारिज होने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भेंट की. काफी देर ये मुलाकात चली. मुलाकात के बाद प्रकाश बजाज ने कहा कि हम इस निर्णय के खिलाफ पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ईसीआई) में शिकायत करने जा रहे हैं.

इलेक्शन कमीशन से हम कहेंगे कि राज्यसभा चुनाव के पूरे प्रॉसेज को रोका जाए. प्रकाश बजाज ने कहा कि इसके अलावा हमने कोर्ट जाने का विकल्प भी रखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनका नॉमिनेशन का 1 सेट गायब किया गया.

उधर प्रकाश बजाज के पिता और पूर्व विधायक प्रदीप बजाज ने भी आरोप गाया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नॉमिनेशन का एक पूरा सेट गायब किया. रिटर्निंग ऑफिसर की साजिश से नॉमिनेशन का एक सेट गायब हुआ. प्रदीप बजाज ने कहा कि हमारे पास 2 सेट नॉमिनेशन के पुख्ता सबूत हैं. भाजपा ने मिलकर हमारे साथ साजिश की. दूसरे उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के लिए साजिश रची गई. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन से हम अपील कर रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया को रोका जाए. मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले प्रकाश बजाज पेशे से वकील हैं.

वो मुंबई (Mumbai) में प्रैक्टिस करते हैं. वाराणसी में उनका घर जवाहर नगर कालोनी में है. सियासत उनको विरासत में मिली है. उनके पिता प्रदीप बजाज 1977 में जनता पार्टी से विधायक रहे. वो यूपी की देवरिया सीट से विधायक बने थे. साथ ही वो पूरी दुनिया में आस्था के केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के सदस्य भी रहे हैं. जिस समय उनके पिता न्यास परिषद के सदस्य बने थे, उस वक्त वो गैर ब्राह्मण होने के कारण काफी चर्चा में रहे थे.