राज ठाकरे भाजपा की बी टीम, राजनीति छोड़कर मराठी समाज की करें सेवा : आनंद दुबे

मुंबई, 5 अप्रैल . शिवसेना (यूबीटी) नेता और प्रवक्ता आनंद दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला किया. उन्होंने राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार को लेकर अपना आंदोलन बंद करें और राजनीति से बाहर निकलकर मराठी समाज की सच्ची सेवा करें.

आनंद दुबे ने शनिवार को समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि हमें यह देखना बहुत खेदजनक लगता है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ता हमें अपमानित करते हैं, जबकि शिवसेना (यूबीटी) की असली शाखा हमेशा मराठी भाषा और संस्कृति को सम्मान देती है. हम भी मराठी बोलते हैं, मराठी अस्मिता का सम्मान करते हैं, मराठी खानपान का आनंद लेते हैं, लेकिन राज ठाकरे और उनकी पार्टी सिर्फ राजनीति करती है.

आनंद दुबे ने कहा कि राज ठाकरे को यह समझना चाहिए कि अगर वह वास्तव में मराठी की सेवा करना चाहते हैं तो उन्हें अपना रुख स्पष्ट करना होगा. वह भाजपा की बी टीम बनकर क्या करना चाहते हैं? यदि वह सच में मराठी समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं, तो उन्हें खुलकर सामने आकर काम करना चाहिए. जनता सब देख रही है. अगर मनसे को मराठी समाज की पसंद है, तो उन्हें महाराष्ट्र की 288 सीटों में से कम से कम 250 सीटें मिलनी चाहिए, लेकिन उनकी पार्टी तो वहां भी हार रही है, जहां मराठी बहुल इलाका है.

आनंद दुबे ने राज ठाकरे को नसीहत देते हुए कहा कि आप बड़े नेता हैं और आपकी पार्टी को भी यही कहेंगे कि वह अगर सही रास्ते पर आएं तो हम उन्हें शुभकामनाएं देंगे, लेकिन यदि वह राजनीति से बाहर सिर्फ प्रचार ही करेंगे तो यह जनता के लिए फायदेमंद नहीं होगा. हमारी असली शिवसेना, जो उद्धव ठाकरे जी के नेतृत्व में है, जनता के बीच रहती है. हम मराठी भाषा, संस्कृति, और परंपराओं का प्रचार करेंगे. हम मराठी खानपान, छत्रपति शिवाजी महाराज, छत्रपति संभाजी महाराज और पेशवाओं के बारे में जनता को जागरूक करेंगे.

आनंद दुबे ने आगे कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और भाजपा के बीच कुछ समझौते हैं, क्योंकि मनसे बिना बीजेपी से पूछे कोई फैसला नहीं ले सकती. हाल ही में उदय सामंत जैसे लोग उनके घर गए और कुछ घंटों बाद उनका एक पत्र आ गया. यह स्थिति मुंबईवासियों के लिए चिंताजनक है और अब हमें यह सोचना चाहिए कि हम किसे सत्ता में लाएंगे. क्या हम उन्हीं लोगों को सत्ता देंगे जो वास्तव में महाराज को अपना आदर्श मानते हैं या फिर उन लोगों को जो सिर्फ राजनीति के खेल में लगे हुए हैं?

पीएसके/एफजेड