Wednesday , 25 November 2020

मप्र के कई जिलों में हो रही बरसात हवाओं का रुख भी हुआ दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी


भोपाल (Bhopal) . तीन सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश के कई ‎जिलों में बरसात हो रही है. यही वजह है ‎कि प्रदेश में अभी ठंड नहीं बढेगी.बरसात का सिलसिला रुकने के बाद ठंड अपना असर दिखाएगी. एक कम दवाब का क्षेत्र अरब सागर के मध्य में बन गया है. राजस्थान (Rajasthan) पर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है. इसके अतिरिक्त एक पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू-कश्मीर पर बना हुआ है.

इन तीन सिस्टम के कारण हवाओं का रुख भी दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी हो गया है. हवा के साथ नमी आने के कारण प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है. बुधवार (Wednesday) शाम ढलने के बाद राजधानी सहित सागर, सीहोर, विदिशा आदि जिलों में बरसात हुई. वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में कम दवाब का क्षेत्र बना हुआ है. एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू-कश्मीर पर बना हुआ है. राजस्थान (Rajasthan) पर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है. इस वजह से हवाओं के साथ लगातार नमी आने का सिलसिला जारी है. साथ ही प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान बढ़ा हुआ है. नमी के कारण बादल बनने से बरसात हो रही है.

बारिश का सिलसिला गुरुवार (Thursday) को भी जारी रह सकता है. मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने आगे कहा कि उत्तर भारत में 22 नवंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा. उसके आगे बढ़ने के बाद ही हवाओं का रुख बदलकर उत्तरी होने की संभावना है. उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं से न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी. इसके पूर्व फिलहाल ठंड से राहत मिली रहेगी. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला गुरुवार (Thursday) को भी जारी रह सकता है. हालांकि अभी पांच दिन तक रात के तापमान में गिरावट के आसार कम ही हैं. इससे फिलहाल ठंड से राहत बनी रहेगी.