
रायपुर/रायगढ़, 4 अप्रैल . रायगढ़ जिले में Police को एक बड़ी कामयाबी मिली है. Police ने मोटरसाइकिलों की चोरी और बिक्री में शामिल एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. Police ने मुख्य आरोपी समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और करीब 15 लाख रुपए कीमत के 21 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं.
रायगढ़ Police ने Saturday को Police कंट्रोल रूम में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ऑपरेशन की जानकारी दी.
Police के मुताबिक, जिले भर में मोटरसाइकिल चोरी के मामलों में बढ़ोतरी के कारण स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) ने कड़ी निगरानी रखी. खास जानकारी के आधार पर साइबर Police स्टेशन और पुंजिपथरा Police स्टेशन की एक जॉइंट टीम ने लैलुंगा Police स्टेशन एरिया के धौराडांड गांव के रहने वाले सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया.
पूछताछ के दौरान सुखदेव चौहान ने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर पुंजिपथरा, धरमजयगढ़ और Odisha के कुछ हिस्सों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल की. उसने जुलाई 2025 में सरायपाली मार्केट से एक पैशन प्रो, अगस्त 2025 में तुमिडीह मार्केट से एक पल्सर और मार्च 2026 में पोरिया गांव से एक एचएफ डीलक्स चोरी करने की बात कबूल की.
आरोपी सुखदेव ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें नौ लोगों को बेचीं. उसने बताया कि कार्तिक राम डुंगडुंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी, और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को मोटरसाइकिलें बेचीं. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है.
Police ने गिरफ्तार खरीदारों से 14 मोटरसाइकिलें और सुखदेव ने अपने घर के पीछे छिपाई हुई सात और बाइकें बरामद कीं, जिससे कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं. आरोपी, प्रोफेशनल ड्राइवर हैं और गाड़ी रिपेयर में माहिर हैं, कथित तौर पर मोटरसाइकिल के लॉक तोड़ने के लिए स्क्रूड्राइवर जैसे आसान औजारों का इस्तेमाल करते थे. वे चोरी की गाड़ियों को सुनसान जगहों पर छिपा देते थे और फिर उन्हें बहुत कम दामों पर बेच देते थे.
Police ने कहा कि रैकेट में शामिल एक और आरोपी अभी भी फरार है. खुलासे के बाद मुख्य आरोपी के खिलाफ संगठित चोरी के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(1) जोड़ी गई है. खरीदारों पर चोरी की संपत्ति का सौदा करने के लिए बीएनएस की धारा 317 (2) और 317 (4) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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एसडी/डीकेपी