नई दिल्ली, 5 अप्रैल . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को बाबू जगजीवन राम की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. देश में 5 अप्रैल को बाबू जगजीवन राम की जयंती को समता दिवस के रूप में भी मनाया जाता है.
यह दिन वरिष्ठ स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी प्रतीक और सामाजिक न्याय के प्रणेता के जीवन और योगदान को याद दिलाता है.
इस अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “बाबू जगजीवन राम जी को उनकी जयंती पर सादर श्रद्धांजलि. बाबू जी ने अपना पूरा जीवन वंचितों, शोषितों और दलितों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया. उन्होंने उनके अधिकारों और भागीदारी को मजबूत करके देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत किया.”
उन्होंने कहा, “उनके विचार और संघर्ष हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे.”
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने समता दिवस पर महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के प्रणेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
खड़गे ने आगे कहा, “समानता के महान नायक बाबू जी ने न्याय के लिए और समाज के कमजोर, उत्पीड़ित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से लड़ाई लड़ी और संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अविस्मरणीय योगदान दिया.”
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “बाबू जगजीवन राम जी एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने शोषित वर्गों के अधिकारों और जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में पांच दशक समर्पित कर दिए. सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूर्ण थी. एक स्वतंत्रता सेनानी और एक कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.”
दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, “समता दिवस पर महान स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा व पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि. समता के महानायक, बाबू जी समाज के कमजोर, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान एवं उनके न्याय के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्षरत रहे और संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया.”
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डीकेएम/केआर