नई दिल्ली, 3 अप्रैल . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘चीन सीमा विवाद’ पर दिए बयान की पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान सांसद अनुराग ठाकुर ने निंदा की. उन्होंने कांग्रेस सांसद को उनकी पार्टी का अतीत याद दिलाया. भाजपा सांसद ने दावा किया कि भारत की एक इंच भूमि पर भी चीन का कब्जा नहीं है.
राहुल गांधी को जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो लोग भारत और चीन के बारे में बात करते हैं, उन्होंने चीनियों के साथ सूप पिया है. भारत की एक इंच भी जमीन चीन के हाथों नहीं गई है.
ठाकुर ने पूछा, “किसके समय में चीन ने इस क्षेत्र पर कब्जा किया? डोकलाम गतिरोध के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ सूप पीने वाले लोग कौन थे? राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनियों से पैसे क्यों लिए?”
ठाकुर ने कहा, “भारतीय सेना ने चीनियों को प्रभावी ढंग से जवाब दिया और एक इंच भी जमीन नहीं खोई. इस तरह के मुद्दे पर राजनीति करने से कुछ हासिल नहीं होगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी को देश की जनता को अतीत की गलतियों के बारे में जवाब देना होगा.”
उन्होंने कहा, “राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीनी अधिकारियों से पैसे आखिर क्यों लिए? कांग्रेस बताए की ऐसी क्या मजबूरी थी कि अक्साई चिन को चीन ने हथिया लिया और आप हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे? डोकलाम संकट के समय कांग्रेस के नेता सेना के साथ खड़े होने के बजाय चीनी अधिकारियों के साथ आखिर क्यों चाइनीज सूप पीते रहे? कुछ लोग चीन के साथ मिलकर आरोप लगाते हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं. ये केवल राजनीति करते हैं. इन्हें कुछ नहीं मिलने वाला हैं.”
उन्होंने वर्तमान सरकार की तारीफ करते हुए आगे कहा, ” पीएम मोदी की सरकार में आज हम यह कह सकते हैं कि डोकलाम की घटना के समय भारतीय सैनिकों ने चीन की सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया. पीएम मोदी स्वयं सीमा पर गए और सेना का मनोबल बढ़ाया. रक्षा मंत्री भी वहां गए. भारत की एक इंच भी जमीन कोई नहीं हथिया पाया और सेना ने मोदी सरकार में यह करके दिखाया है.”
इससे पहले, लोकसभा में राहुल गांधी ने चीनी कब्जे का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा, “यह सर्वविदित तथ्य है कि चीन हमारे 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा जमाए बैठा है. कुछ समय पहले मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि हमारे विदेश सचिव चीनी राजदूत के साथ केक काट रहे थे.”
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “हम सामान्य स्थिति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सामान्य स्थिति से पहले यथास्थिति की जरूरत है. हमारी जमीन हमें वापस मिलनी चाहिए.”
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एकेएस/केआर