Tuesday , 7 July 2020
[क्विक टेक] मेरे गैलेक्सी ने खोले मेरी योग्यता के नए आयामः साहिल मोहन गुप्ता

[क्विक टेक] मेरे गैलेक्सी ने खोले मेरी योग्यता के नए आयामः साहिल मोहन गुप्ता

मैं पिछले कुछ सालों से घर पर रहते हुए ही ऑफिस का काम करता रहा हूं, लेकिन मेरी कार्यक्षमता इतनी ज्यादा कभी नहीं थी, जितनी आजकल हो गई है. आप पूछ सकते हैं कि ऐसा कैसे हो गया है?

 

पहली बात, मैं अपने शौक, जैसे फोटोग्राफी और संगीत के लिए समय निकाल पा रहा हूं. इसके कारण मुझे अपना दिमाग शांत रखने में मदद मिल रही है और मेरे सोचने की क्षमता इतनी बढ़ गई है, जितनी पहले कभी नहीं थी. निश्चित तौर पर इसमें उस बेहतरीन और ताजा हवा का भी योगदान है, जो मुझे आजकल अपने बागीचे में मिल जाती है. मेरे कुत्तों के साथ (और वे 14 हैं).

 

 

कौन होगा जो ऐसे माहौल में लिखना नहीं चाहेगा, जब उसके आसपास का पूरा वातावरण कुदरत के अद्भुत आश्चर्यों से ओतप्रोत हो, और वह भी दिल्ली में ही. आजकल मेरे बागीचे में कई मेहमान दिखने लगे हैं- इनमें कबूतर तो हैं ही, तोते और यहां तक कि मोर भी शामिल हैं.

 

ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया एक दुर्भाग्यपूर्ण बंदी के साये में लिपटी है, तब लोगों को ज्यादा से ज्यादा कंटेंट चाहिए, और इसलिए ज्यादा कंटेंट तैयार करने का दबाव भी स्वाभाविक है. अच्छी बात यह है कि मैं सचमुच लंबे आलेख लिख पा रहा हूं. कई बार, मैं लैपटॉप पर कोई लेख लिखने बैठता हूं और फिर उसे अपने फोन पर ले लेता हूं ताकि मैं अपने घर में इधर-उधर घूमते हुए भी लिखने का काम जारी रख सकूं.

 

मेरा सारा कंटेंट क्लाउड पर है, इसलिए मेरे लिए लैपटॉस से फोन पर अपना काम ले जाना आसान होता है, और इसमें मेरे गैलेक्सी एस20 अल्ट्रा के बड़े स्क्रीन और सटीक टच टेक्नोलॉजी लिखने में मेरी पूरी मदद करते हैं. कभी-कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि इस फोन के इस्तेमाल के कारण मेरी कार्यक्षमता और बढ़ गई है क्योंकि इसकी मदद से मेरे विचार मेरी चेतना से सीधे स्थानांतरित होकर एक वास्तविक संपादकीय में परिवर्तित हो पाते हैं.

 

 

जब मैंने पहली बार न्यूजरूम में प्रवेश किया था, उस समय मैं एंड्रॉयड इस्तेमाल नहीं करता था. लेकिन फिर 2011 में मैं गैलेक्स एस-II से रूबरू हुआ जब अपने वेतन से मैंने मेरे जीवन का पहला स्मार्टफोन खरीदा. इसके बाद मैंने गैलेक्सी नेक्सस खरीदा, हालांकि यह भारत में लॉन्च नहीं हुआ था. उसके बाद से, गैलेक्सी एस मेरे विकास, व्यक्तित्व और पेशागत कार्यपद्धति का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग रहा है.

 

फिर भी, स्मार्टफोन सैमसंग की मेरी शुरुआती यादों का हिस्सा नहीं हैं. मेरी पहली याद नई दिल्ली (New Delhi) के लाजपत नगर मार्केट में ’90 के दशक की एक दुकान से जुड़ी है. घर के लिये एक नया टीवी लेने के लिए मैं अपने पिता के साथ गया था और हमने सबकुछ देखभाल कर आखिर में सैमसंग टीवी खरीदा जो हमारे यहां 2015 तक इस्तेमाल होता रहा. उस समय से मेरे घर में जितनी बार भी टीवी खरीदा गया, हर बार वह सैमसंग ही रहा. यह 2009 में टेक्नोलॉजी पत्रकार के तौर पर मेरी करियर यात्रा शुरू होने से काफी पहले की बात है.

 

आज, कंटेंट केवल लिखित सामग्री तक सीमित नहीं है. वार्ककोर.लाइव पर हमलोग बड़ी संख्या में वीडियो भी तैयार करते हैं, लेकिन आमतौर पर वह डीएसएलआर पर होता है. घर पर मैंने एक बार गैलेक्सी एस20 पर वीडियो बनाने का प्रयोग किया और नतीजे शानदार थे. तब से मैं इस पर कई 4के वीडियो शूट कर चुका हूं और इसमें गैलेक्सी एस20 की 8के शूट करने की क्षमता के कारण और भी मदद मिलती है.

 

 

लॉकडाउन (Lockdown) के कारण मुझे ऐसी कई चीजें करने का समय मिल रहा है, जो मैं हमेशा से करना चाहता था. मैं एक गिटारिस्ट हूं और इस समय का इस्तेमाल कर मैंने अपना एक डीजे सेट तैयार कर लिया है. मैंने कई बार इसको इस्तेमाल भी किया है और मुझे इसकी काफी उत्साहजनक प्रतिक्रया भी मिली है.

 

इस बीच मुझे फोटोग्राफी का शौक भी होने लगा है. वैसे तो यह पहले से मेरे काम का हिस्सा रहा है क्योंकि स्मार्टफोन और कैमरे की समीक्षा करते हुए मैं अक्सर फोटो खींचता हूं, लेकिन इन दिनों यह काम की मजबूरी के अलावा कुछ ज्यादा शौकिया भी हो चला है. गैलेक्सी एस20 प्लस और गैलेक्सी एस20 अल्ट्रा की क्षमताओं ने मेरी योग्यता के नये आयाम खोल दिए हैं. गैलेक्सी एस20 अल्ट्रा के 50X जूम का इस्तेमाल कर मैं अपनी छत से बहाई मंदिर का नजारा भी देख पाता हूं.

 

मेरी जिंदगी वैसे तो एकदम सामान्य है, लेकिन इस लॉकडाउन (Lockdown) के अपने खतरे भी हैं. ऐसे में यह सचमुच संतोषप्रद है कि नए शौक और काम करने के नए तरीकों ने मुझे मेरी शांति और उत्पादकता बनाए रखने में उल्लेखनीय मदद की है.

 

 

 

(साहिल मोहन गुप्ता वार्पकोर.लाइव के संस्थापक और संपादक तथा न्यूजएक्स.कॉम के कॉन्ट्रीब्यूटर हैं. वह पहले गिज्मोडो, पीसीमैग और टेकराडार के भारत संपादक रह चुके हैं. उन्होंने यह लेख सैमसंग न्यूजरूम इंडिया के अनुरोध पर लिखा है)