Thursday , 24 June 2021

पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, यूपी जेल भेजा जाएं बाहुबली मुख्तार अंसारी को

नई दिल्ली (New Delhi) . बाहुबली मुख्तार अंसारी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का बड़ा फैसला आया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने पंजाब (Punjab) सरकार की दलील खारिज कर अंसारी को दो हफ्ते में यूपी वापस शिफ्ट करने का आदेश दिया. फिलहाल मुख्तार अंसारी पंजाब (Punjab) की रोपड़ जेल में बंद हैं. प्रयागराज (Prayagraj)की एमपी/एमएलए कोर्ट ये तय करेगी की मुख्तार अंसारी को बांदा या किसी और जेल में रखा जाए. पंजाब (Punjab) सरकार की दलीलों से सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) संतुष्ट नहीं हुआ,इसके बाद फैसला योगी सरकार के पक्ष में आया. पंजाब (Punjab) सरकार ने यूपी में लंबित अपने सभी मामले पंजाब (Punjab) स्थानांतरित करने की मांग सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से की थी.

योगी सरकार ने कहा कि मुख्तार अंसारी को 2019 में मामूली केस में पेशी के लिए बांदा जेल से पंजाब (Punjab) की रोपड़ जेल लाया गया था. तब से वह वहीं है. यूपी पुलिस (Police) की तमाम कोशिशों के बाद भी रोपड़ जेल सुपरिटेंडेंट उस भेजने से मना करते रहे हैं. यूपी सरकार ने मुख्तार को उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ले जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में याचिका दाखिल की. याचिका के द्वारा कहा गया कि न्याय के हित में अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर मुख्तार को वापस यूपी भेजा जाएं. मोहाली में मुख्तार के खिलाफ दर्ज केस को भी मोहाली से प्रयागराज (Prayagraj)ट्रांसफर किया जाए. प्रयागराज (Prayagraj)में एमपी/एमएलए कोर्ट में अपराध के 10 मुकदमें दर्ज हैं.

यूपी के बाहर भी मुख्तार के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद से माना गया कि मुख्तार पर शिकंजा कस रहा है. लेकिन बाद में पता चला कि यूपी के साथ बड़ा खेल हो गया. बेहद ही चतुराई के साथ मुख्तार यूपी से बाहर हो गया. इसके साथ ही मुख्तार के पंजाब (Punjab) की जेल में ऐश-ओ-आराम के साथ रहने की भी खबरें आई. जिसके बाद यूपी सरकार के कान खड़े हुए और उन्होंने अपने यहां दर्ज केस के सिलसिले में मुख्तार की वापसी की मांग करना शुरू कर दिया. लेकिन पंजाब (Punjab) सरकार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की शरण लेनी पड़ी,तब पंजाब (Punjab) सरकार भी नामचीन वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) आ खड़ी हुई. लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश के बाद सारी कवायदें धरी की धरी रह गई.

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