
काबुल, 30 मार्च . Pakistanी सेना की ओर से अफगानिस्तान में किए जा रहे हमलों के खिलाफ लंदन और ओस्लो में रह रहे सैकड़ों अफगानी नागरिकों ने प्रदर्शन किया. इन हमलों में कई आम नागरिक हताहत हुए हैं.
अफगानिस्तान के एरियाना न्यूज के अनुसार, लंदन में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय सड़कों पर मार्च किया और Pakistan के हमलों के खिलाफ नारे लगाए.
प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की. प्रदर्शनकारियों ने डूरंड रेखा पर बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बारे में बात की और चेतावनी दी कि बार-बार होने वाली गोलाबारी से पहले से ही नाज़ुक समुदायों के और ज्यादा अस्थिर होने का खतरा है.
उन्होंने स्वतंत्र जांच और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने की मांग की.
इसी दौरान, ओस्लो में अफगान समुदाय के लोग नॉर्वे की संसद के बाहर इकट्ठा हुए और Pakistan के हमलों की निंदा करते हुए जवाबदेही की मांग की.
एरियाना न्यूज के अनुसार, आयोजकों ने बताया कि एक औपचारिक प्रस्ताव नॉर्वेजियन अधिकारियों, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय को सौंपा गया है, जिसमें हिंसा रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है.
ये प्रदर्शन ऐसे समय में हुए हैं, जब डूरंड रेखा पर झड़पों, हवाई हमलों और तोपखाने से गोलाबारी के बाद Pakistan और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है.
अफगान अधिकारियों के अनुसार, ताजा हमला Sunday को कुनार प्रांत में हुआ. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि Pakistanी बलों की ओर से रॉकेट और भारी हथियारों से आवासीय क्षेत्रों पर हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए. गोलाबारी असदाबाद और आसपास के घरों के पास हुई, जिससे सीमा पर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ गई है.
तालिबान के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि यह हमला Sunday शाम करीब 5 बजे (स्थानीय समय) नागरिक घरों को निशाना बनाकर किया गया. उन्होंने बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. उन्होंने Pakistan पर सीमा के पास आवासीय इलाकों में गोलीबारी करने का आरोप लगाया.
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एवाई/एबीएम