Wednesday , 29 January 2020
अमेजन के मालिक जेफ बेजोस के खिलाफ देश के 300 शहरों में आज हुए विरोध प्रदर्शन

अमेजन के मालिक जेफ बेजोस के खिलाफ देश के 300 शहरों में आज हुए विरोध प्रदर्शन

ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के संस्थापक जेफ़ बेजोस की कल से शुरू हुई भारत यात्रा के विरोध में कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आव्हान पर देशभर के विभिन्न राज्यों के लगभग 300 शहरों में आज व्यापारियों ने बेहद जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और जेफ़ बेजोस वापिस जाओ, अमेजन वापिस जाओ के नारों के साथ अमेज़न के खिलाफ अपने रोष और आक्रोश को प्रदर्शित किया. देश भर में हुए इन प्रदर्शनों में लगभग 5 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों के 5 लाख से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए और भारत के व्यापार में ऐमज़ॉन की अनैतिक व्यापारिक नीतियों का पुरजोर विरोध किया.

अमेजन के पोर्टल पर पहले ही 5 लाख से ज्यादा रिटेलर हैं

जेफ़ बेजोस द्वारा भारत में एक बिलियन डॉलर के निवेश करने पर कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने टिपण्णी करते हुए कहा की यह निवेश नहीं है बल्कि प्रमोशनल वित्त है जो भारत के रिटेल व्यापार को तहस नहस करने के काम आएगा और अमेजन इंडिया जमकर अब लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचेगी और ज्यादा भारी डिस्काउंट देगी और भारत की एफडीआई पालिसी का और ज्यादा उल्लंघन करेगी. जेफ़ बेजोस द्वारा भारत से 10 बिलियन डॉलर के निर्यात की घोषणा पर खंडेलवाल ने कहा की यह बेहद वाहियात घोषणा है. अमेजन के पोर्टल पर पहले ही 5 लाख से जयदा रिटेलर हैं और कम्पनी ने उनका व्यापार बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाये और क्या ऐमज़ॉन के शीर्ष विक्रेताओं में से एक भी छोटा रिटेलर बड़ा बन पाया. उनकी घोषणा मात्र एक छलावा है और सरकार की निगाह में अपनी छवि सुधरने की एक कोशिश है. बेजोस ने व्यापारियों के डिजिटलीकरण में मदद करने की बात भी कही है पर सवाल यह है की उनसे यह मदद मांगी किसने? देश के व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम के अंतर्गत स्वे को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए सक्षम हैं. हमें जेफ़ बेज़ोस की मदद की कोई जरूरत नहीं है.

कैट ने बेजोस को यह भी सलाह दी है की अमेज़न व्यापारियों का भला करती है वाली भ्रामक कहानी को न गढ़े

कैट ने नाराणमूर्ति एवं किशोर बियानी द्वारा अमेजन का समर्थन करने पर बेहद अफ़सोस जताते हुए कहा की ये लोग भी देश के व्यापारियों के खिलाफ खड़े हो गए हैं. कैट ने यह भी कहा की ऐमज़ॉन एवं फ्लिपकार्ट के साथ ब्रांड कंपनियों और बैंकों ने नापाक गठजोड़ किया है और वो भी व्यापारियों को तबाह करने में पीछे नहीं है. कैट ने जेफ़ बेज़ोस को सलाह दी है की अगर उनकी कम्पनी को भारत में व्यापार करना है तो वो अपनी कम्पनी को सलाह दें की वो सरकार की एफडीआई नीति का पालन करें. कैट ने बेजोस को यह भी सलाह दी है की अमेज़न व्यापारियों का भला करती है वाली भ्रामक कहानी को न गढ़े. इसी कड़ी में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेफ़ बेज़ोस के खिलाफ कैट द्वारा एक जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया जिसमें दिल्ली के व्यापारी बड़ी संख्यां में शामिल हुए और काले झंडे अपने हाथों में लेकर ” अमेजन की जागीर नहीं है- हिंदुस्तान हमारा है “, “अमेजन या तो नीति का पालन करो-नहीं तो अपने काम समेटो ” जैसे नारे लगाकर अपना जबरदस्त विरोध जताया. कैट ने इस मुद्दे पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल द्वारा तत्काल कदम उठाये जाने की सराहना की और कहा है की यह स्वागतयोग्य है की श्री पियूष गोयल ने लगातार अनेक मंचो पर दृढ़तापूर्वक कहा की सरकार किसी भी कीमत पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचने और भारी डिस्काउंट देने को कतई स्वीकार नहीं करेगी. कैट ने गोयल से आग्रह किया है की ई कॉमर्स पालिसी को तुरंत लागू किया जाए थता ई कॉमर्स व्यापार की देख रेख के लिए एक रेगुलेटरी अथॉरिटी भी गठित की जाए. कैट ने यह भी कहा की अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट द्वारा जिस तरह से अनैतिक पद्दति के द्वारा व्यापार करते हुए व्यापारियों को बाजार से बाहर करने की कोशिश की जा रही है उस सन्दर्भ में सीसीआई का इन दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच का आदेश देना सर्वथा जायज़ है.

देश के व्यापारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की सीसीआई के द्वारा ऐमज़ॉन एवं फ्लिपकार्ट के कार्यकलापों की जांच के आदेश के बाद अब यह लड़ाई देश के साथ करोड़ व्यापारियों के अस्तित्व की लड़ाई है. इस देश की अर्थव्यवस्था को आजादी के बाद से देश के व्यापारी ही चला रहे हैं और भविष्य में भी हम ही चलाएंगे. कोई भी विदेशी कम्पनी अगर देश के ई कॉमर्स या रिटेल व्यापार पर अपने अनैतिक तरीकों से कब्ज़ा करने का सपना देखती है तो उसे भ्रम से बाहर निकल आना चाहिए. अगर किसी भी कम्पनी को भारत में व्यापार करना है तो बिना किसी लाग लपेट के एफडीआई नीति और देश के कानूनों का अक्षरश पालन करे नहीं तो भारत छोड़ कर दुनिया के किसी अन्य कोने में अपने लिए व्यापार ढूंढें. खंडेलवाल ने अफ़सोस व्यक्त करते हुए कहा की श्री नारायणमूर्ति और किशोर बियानी जैसे लोग अमेजन जैसी कम्पनी का समर्थन करके देश के छोटे व्यापारियों का कारोबार तबाह करने में जुट गए हैं, जो देश के व्यापारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे.