पंजाब के बरनाला में बेरोजगारों और किसानों का विरोध-प्रदर्शन, मांगों को लेकर अड़े

बरनाला, 28 अप्रैल . पंजाब के बरनाला में मुख्यमंत्री भगवंत मान की रैली से पहले बेरोजगारों और किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

बरनाला के मैरीलैंड पैलेस में संगरूर लोकसभा से आप उम्मीदवार गुरमीत सिंह मीत हेयर के पक्ष में एक रैली आयोजित की गई थी. रैली स्थल से कुछ दूरी पर बठिंडा टी-प्वाइंट पर किसान और बेरोजगारों ने धरना दिया.

कृषि नीति के मुद्दे पर बीकेयू डकौंदा के अध्यक्ष मंजीत धनेर ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया. बेरोजगारों ने कहा कि दो साल से उनकी मांगें नहीं सुनी गई, धरना देने पर लाठियां बरसाई जा रही है, जिसके चलते वे आज अपना रोष जाहिर करने आए हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर हमें मुख्यमंत्री मान से नहीं मिलने दिया गया तो हम पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करते रहेंगे.

बीकेयू डकौंदा के अध्यक्ष मनजीत सिंह धनेर ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद कहते हैं कि अगर लोगों को परेशानी हो रही है तो हमसे सवाल किया जाना चाहिए. हमारा संगठन पिछले एक साल से मानसा जिले के कुलरिया गांव में किसानों की जमीन के मुद्दे पर संघर्ष कर रहा है. जिला प्रशासन ने खुद माना है कि हमारा संघर्ष सही है, लेकिन, राजनीतिक प्रभाव के कारण न्याय नहीं मिल पा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि कुलरिया के सरपंच ने हमारे संगठन के किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें घायल कर दिया. जिसके बाद उनके खिलाफ कत्ल के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था. सरपंच विधायक बुद्ध सिंह के साथ बठिंडा विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है. वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने आये हैं. आम आदमी पार्टी सरकार कृषि नीति की बात करती थी. किसान संगठनों ने सरकार को अपना मॉडल भी दिया, लेकिन सरकार दो साल में अब तक कृषि नीति नहीं बना पाई.

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने कृषि नीति बनाने के लिए एक निजी कंपनी को पांच करोड़ का ठेका दिया है. इसलिए वे मुख्यमंत्री से इन बातों का जवाब चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हमारी मुख्यमंत्री से बात नहीं हुई तो हम आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को गांवों में घेरेंगे.

बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह ढिल्लवां ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने से पहले उम्मीद थी कि मांगों का समाधान होगा. लेकिन पिछले दो साल से आप सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. हम लगातार धरना-प्रदर्शन करते हुए मांग पत्र दे रहे हैं और सरकार हम पर लाठियां बरसा रही है.

उन्होंने आगे कहा कि वे शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में भर्तियां करने और आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. हमारी कोई बात सुनने वाला नहीं है. सीएम भगवंत मान खुद को आम लोगों का मुख्यमंत्री बता रहे हैं, लेकिन उनके करीब नहीं जाने दिया जा रहा है. अपनी मांगों को लेकर हम लोगों का अभियान जारी रहेगा. पंजाब में जहां भी मुख्यमंत्री और अन्य बड़े नेता आएंगे, उन्हें घेरकर अपना विरोध जारी रखेंगे.

एकेएस/एबीएम