Wednesday , 22 January 2020
इंक्रीमेंट के समय टाॅप परफार्मेंस और स्किल वाले एम्पलाॅय को दी जाएगी प्राथमिकता

इंक्रीमेंट के समय टाॅप परफार्मेंस और स्किल वाले एम्पलाॅय को दी जाएगी प्राथमिकता

इस साल अधिकतर कंपनियों में इंक्रीमेंट कम ही होने के चांस है लेकिन जिन कंपनियों में इंक्रीमेंट्स होगी वहां टाॅप परफार्म और शानदार स्कील वाले एम्पलाॅय को प्राथमिकता दी जाएगी. मार्केट में ऐसे एम्पलाॅय की कमी है, इसलिए कंपनियां इन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए ज्यादा पेमेंट कर सकती हैं.

शानदार स्कील्स वाले एम्पलाॅय की मांग

ईटी की खबर के मुताबिक, डेलॉयट के पार्टनर आनंदरूप घोष कहते हैं, ‘बेहतर स्किल और बेहतर परफॉर्मेंस वाले टैलेंट्स की सैलरी इन्क्रीमेंट कमोबेश एक सी रहेगी. हो सकता है कि पिछले साल किसी खास मशीन लर्निंग स्किल वाले एंप्लॉयी का परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा हो. लेकिन उस एंप्लॉयी को बनाए रखने के लिए टॉप परफॉर्मर जितना इन्क्रीमेंट दिया जा सकता है.’ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन दिनों जिन स्किल्स की ज्यादा मांग है और जिन्हें कंपनियां ज्यादा पेमेंट करने को तैयार हैं, उनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, एनालिटिक्स, डेटा साइंस, एजल प्रॉजेक्ट मैनेजमेंट, ब्लॉक चेन, डिजिटल मार्केटिंग और रेग्युलेटरी शामिल हैं.

डिमांड-सप्लाई गैप का मिलेगा फायदा

रैनस्टैड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर पॉल डुइपी कहते हैं कि स्किल के डिमांड-सप्लाई गैप को देखते हुए मशीन लर्निंग इंजिनियर्स, हडूप स्पेशलिस्ट, पायथन स्पेशलिस्ट, AWS स्पेशलिस्ट, बिग डेटा डिवेलपर्स, क्लाउड कंप्यूटिंग आर्टिटेक्ट्स और 6 से 10 साल के अनुभव वाले एंड्रॉयड डिवेलपर्स को शर्तिया मोटी सैलरी के साथ-साथ इंक्रीमेंट भी मिलेगा. IT सेक्टर में हॉट स्किल वाले एंप्लॉयीज को औसत से ज्यादा सैलरी हाइक मिल सकती है, बाकी का इन्क्रीमेंट सामान्य रह सकता है.