टोक्यो, 29 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi जापान और चीन के दौरे पर हैं. पहले पड़ाव में पीएम मोदी जापान पहुंच गए हैं, जहां वे टोक्यो में आयोजित 15वें भारत-जापान समिट में भाग लेंगे. दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सीशी हिरोसे ने Friday को उन्हें एक ‘दारुमा’ गुड़िया भेंट की. Prime Minister मोदी ने इस गिफ्ट के लिए उनका आभार जताया है.
पीएम Narendra Modi ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि ताकासाकी-गुन्मा स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सीशी हिरोसे से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई. ‘दारुमा’ गुड़िया भेंट करने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं. दारुमा को जापान में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है और इसका भारत से भी गहरा संबंध है. यह प्रसिद्ध भिक्षु बोधिधर्म से प्रभावित है.
दारुमा गुड़िया जापान का एक खास सांस्कृतिक प्रतीक और यादगार चिह्न है, जो बौद्ध धर्म के जेन संप्रदाय के संस्थापक बोधिधर्म (दारुमा दैशी) पर आधारित है. यह गुड़िया दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है. इसका उपयोग लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है.
इसे बनाने की परंपरा में, जब कोई लक्ष्य तय किया जाता है तो गुड़िया की एक आंख भर दी जाती है और जब लक्ष्य प्राप्त हो जाता है तो दूसरी आंख भी भर दी जाती है. यह ‘सात बार गिरो, आठ बार उठो’ की कहावत को भी दर्शाती है, जो कभी हार न मानने का गुण है. इस गुड़िया का गोल आधार इसके गिरने पर भी वापस खड़े होने में मदद करता है.
‘दारुमा’ गुड़िया भारत के कांचीपुरम से आए बौद्ध भिक्षु बोधिधर्म पर आधारित है. ऐसा माना जाता है कि बोधिधर्म ने नौ साल तक लगातार दीवार की ओर मुख करके ध्यान किया था, जिसमें उनके हाथ-पैर सिकुड़े हुए थे. यही कारण है कि दारुमा गुड़िया का आकार गोल और बिना हाथ-पैर तथा आंखों वाला है.
जापान दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ चर्चा की. इसके बाद उन्होंने जापान के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक बैठक की. इस दौरान उनके बीच भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई.
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डीकेपी/