नीमच, 5 अप्रैल . देश के गरीब कारीगरों और शिल्पकारों को विकास की मुख्यधारा के साथ जोड़ने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से हर वर्ग के लोगों की जिंदगी संवर रही है. मध्य प्रदेश के नीमच के रहने वाले राजाराम प्रजापत ने इस योजना से मिले लाभ के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया है.
कुम्हार राजाराम प्रजापत के मुताबिक, उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 50 हजार का लोन लिया था. इस दौरान उन्हें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ट्रेनिंग भी मिली थी, जिससे वह अपनी मिट्टी के बर्तन बनाने की मशीन और अन्य सामग्री खरीद पाए.
ग्वालटोली निवासी राजाराम प्रजापत ने से बातचीत में बताया कि मिट्टी का काम उनकी पुश्तों से चला आ रहा है. इससे पहले उनके पिता और दादा भी यही काम करते आ रहे थे. इस योजना के माध्यम से मुझे 50 हजार रुपए का लोन मिला और उसके बाद मैंने इस धंधे को आगे बढ़ाया.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी. मैं इस योजना से मिली मदद के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं.
दरअसल, इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है. देश के गरीब कारीगरों और शिल्पकारों को विकास की मुख्यधारा के साथ जोड़ने के लिए इस योजना को शुरू किया गया था.
पीएम नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी. पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत बेरोजगार लोगों को ट्रेनिंग, लोन के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. इस योजना में सरकार द्वारा बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, दर्जी, नाई, मोची, मूर्तिकार, खिलौना निर्माता आदि के रोजगार से जुड़े हजारों लोगों को आर्थिक सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है.
–
एफएम/केआर