लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के विरोध में राजनीतिक दलों और संगठनों ने ‘काला दिवस’ मनाया

कावारत्ती . लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल खोड़ा पटेल सोमवार (Monday) को द्वीप पर पहुँचने के साथ ही उनके सुधार उपायों का विरोध करते हुए राजनीतिक दलों और संगठनों ने ‘काला दिवस’ का आह्वान किया है.

सूत्रों ने बताया कि दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव के भी प्रशासक पटेल अपने सप्ताह भर के दौरे पर दोपहर बाद अगत्ती पहुंचे. अगत्ती पहुंचने के तुरंत बाद पटेल ने प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. पटेल ने प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट किया, “आज लक्षद्वीप में अगत्ती पहुंचे और अधिकारियों के साथ मुलाकात की. विभिन्न विकास परियोजनाओं की स्थिति का जायजा लिया और समीक्षा की.”

इससे पहले दिन में, केरल (Kerala) के दो कांग्रेस सांसद (Member of parliament) टीएन प्रतापन और हिबी ईडन कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गए ताकि वे पटेल से से मिल सकें और ‘जन-विरोधी’ सुधारों को लेकर अपना विरोध व्यक्त कर सकें. उनका अनुमान था कि पटेल कोच्चि के रास्ते लक्षद्वीप जाएंगे. लेकिन वे पटेल से नहीं मिल सके क्योंकि पटेल ने लक्षद्वीप जाने के लिए कथित तौर पर गोवा मार्ग का विकल्प चुना.

इस बीच, पटेल के सुधारों का विरोध करने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों के मंच ‘सेव लक्षद्वीप फोरम’ (एसएलएफ) के कार्यकर्ताओं ने अपने घरों के ऊपर काले रंग के झंडे फहराकर और काले मास्क पहन कर काला दिन मनाया. लक्षद्वीप के सांसद (Member of parliament) पीपी मोहम्मद फैजल ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “लोकतांत्रिक मूल्य हमारे संविधान के सर्वोच्च सिद्धांत हैं और एसएलएफ उस पर किसी भी हमले का विरोध करेगा.’’

उन्होंने कहा कि एक महीने से अधिक समय से द्वीपसमूह के लोग प्रशासक के उन फैसलों का विरोध कर रहे हैं, जो हमारे द्वीपों की अनूठी संस्कृति और परंपरा को प्रभावित करेंगे. उन्होंने कहा कि द्वीपवासी काले मुखौटे और बैज पहनेंगे और अपने आवासों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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