भुवनेश्वर : केआईआईटी विश्वविद्यालय के छात्र अर्णब मुखर्जी की संदिग्ध मौत, जांच में जुटी पुलिस

भुवनेश्वर, 2 अप्रैल . ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) के तीसरे वर्ष के बीटेक छात्र अर्णब मुखर्जी का शव मंगलवार को भुवनेश्वर के मांचेश्वर क्षेत्र में रहस्यमय परिस्थितियों में मिला. संस्थान में दो महीने में यह दूसरा मौत का मामला है. अर्णब के पिता ने इस पूरे मामले में जांच की मांग की.

छात्र के परिवार ने मंगलवार रात भुवनेश्वर पहुंचकर कैपिटल अस्पताल में उसके शव की पहचान की.

अर्णब के पिता जगदीप मुखर्जी ने अपने बेटे से आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि अर्णब ने सोमवार को अपनी मां से बात की थी और 200 रुपये की मांग की थी, जिसे उसने यूपीआई के माध्यम से भेज दिए थे. इसके बाद वह किसी भी कॉल का जवाब नहीं दे रहा था. बाद में पुलिस ने हमें इस दुखद समाचार से अवगत कराया. उन्होंने आगे कहा कि मेरा बेटा ऐसा नहीं था जो अपनी जान ले लेता. वह एक अच्छा छात्र था और मुझे इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा. मैं इस मामले की गहन जांच की मांग करता हूं कि वह एक खाली भवन में कैसे पहुंचा. इसकी ठीक से जांच की जानी चाहिए.

मांचेश्वर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मृत्युंजय स्वैन ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि हम अर्णब की मौत के आसपास की परिस्थितियों की पूरी जांच कर रहे हैं. हम सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण कर रहे हैं और संबंधित व्यक्तियों से बात करके घटनाओं के क्रम को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं.

अधिकारियों ने यह भी जांचना शुरू कर दिया है कि अर्नब ने होस्टल को क्यों छोड़ा और वह मांचेश्वर के निर्माणाधीन भवन में कैसे पहुंचे. इस मामले की जांच जारी है ताकि अर्णब की असमय मृत्यु के कारणों और परिस्थितियों का पता चल सके.

बता दें कि अर्णब पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले का रहने वाला था, जो विश्वविद्यालय के होस्टल में रह रहा था. मांचेश्वर के एक निर्माणाधीन भवन में अर्णब का शव पाया गया.

पीएसके/जीकेटी