अलवर, 2 अप्रैल . राजस्थान के अलवर जिले में साइबर सेल के पुलिसकर्मियों पर एक लॉ स्टूडेंट के साथ मारपीट, छेड़छाड़ और मोबाइल छीनने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़िता का दावा है कि उसने अपनी शिकायत को लेकर कई बार पुलिस के पास गुहार लगाई, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई.
पीड़िता के मुताबिक किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट बनाए थे. इन अकाउंट्स को हटवाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर वह साइबर सेल पहुंची थी. लेकिन उसका आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और छेड़छाड़ की. इतना ही नहीं, पुलिसकर्मियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे धमकाने की कोशिश की.
पीड़िता के मुताबिक, जब स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह अतिरिक्त जिला कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची. लेकिन वहां भी उसे एक घंटे तक इंतजार कराया गया और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. अब पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और साइबर सेल के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, साइबर सेल थाने की इंचार्ज पुलिस उपाधीक्षक शालिनी बजाज ने इन आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है.
उन्होंने बताया कि लॉ स्टूडेंट अपनी शिकायत लेकर आई थी, जिसमें उसके नंबर से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई थी. इस मामले में मालाखेड़ा थाने में मुकदमा दर्ज है और जांच जारी है.
बजाज के अनुसार, साइबर थाने पर पीड़िता के आने के दौरान महिला कांस्टेबल मौजूद थी और उसे समझाया गया. लेकिन वह एक ही मामले में दोबारा एफआईआर दर्ज कराने की जिद पर अड़ी थी, जिसके बाद उसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के पास भेजा गया.
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एकेएस/केआर