Sunday , 11 April 2021

पुलिस ने पूर्व विधायक रेलूराम के दामाद को किया गिरफ्तार

यमुनानगर . बरवाला से तत्कालीन विधायक रेलूराम पुनिया समेत उनके परिवार के आठ लोगों की हत्या (Murder) को अंजाम ‎देने वाले आरोपी को लिस की एसटीएफ यूनिट ने मेरठ (Meerut) से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी 2018 में फर्जी दस्तावेज के आधार पर जेल से पैरोल लेने के बाद से अब तक फरार था. आरोपी को कोर्ट से 28 दिन की पैरोल मिली थी, ले‎किन वह वापस जेल नहीं लौटा. इसके बाद जून 2018 में बिलासपुर (Bilaspur) पुलिस (Police) ने कुरुक्षेत्र जेल अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर (First Information Report) दर्ज कर ली थी जिसे बाद में यमुनानगर पुलिस (Police) से एसटीएफ को ट्रांसफर कर दिया गया था.

दरसअल, आरोपी संजीव ने 23 अगस्त 2001 को विधायक समेत आठ लोगों की हत्या (Murder) कर दी गई थी. आरोप विधायक पुनिया की बेटी सोनियां और दामाद संजीव पर लगे थे. खाना खाकर जब परिवार के सभी आठ लोग सो गए तो सोनिया ने किसी हथियार से सभी की हत्या (Murder) कर दी.

इस वारदात में पचास वर्षीय रेलूराम पूनिया, उनकी 41 वर्षीय पत्नी कृष्णा, 23 साल के बेटे सुनील, 20 वर्षीय बहू शकुंतला, 16 साल की बेटी प्रियंका, 4 साल का पोता लोकेश, दो साल की पोती शिवानी और तीन वर्षीय प्रीति की हत्या (Murder) कर दी गई थी. पुलिस (Police) जांच में पता चला कि‌ इस हत्या (Murder) कांड को अंजाम देने से पहले परिवार को खीर में कोई नशीला पदार्थ भी खिलाया गया था. पुलिस (Police) ने सोनियां एवं संजीव को गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया जहां लंबी सुनवाई के बाद 31 मई, 2004 को दोनों को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी गई. इसके पश्चात 12 अप्रैल 2005 को हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था, जबकि 15 फरवरी 2007 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने जिला अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए दोनों को फांसी की सजा सुना दी. इसके बाद 23 अगस्त, 2008 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में रिव्यू पिटीशन दाखिल की गई जो खारिज कर दी गई थी. 1 सितंबर, 2007 को फांसी की तारीख तय करने के लिए जिला अदालत में याचिका दायर की गई थी. 8 सितंबर 2007 को फांसी देने की तारीख 26 नवंबर 2007 तय कर दी गई. इकसके बाद नवंबर 2007 में संजीव के परिजनों ने राष्ट्रपति से एक अपील की, जो खारिज कर दी गई थी.

एसटीएफ के इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने बताया कि आरोपी संजीव की तलाश के लिए टीम लगातार काम कर रही थी. उन्हें सूचना मिली थी कि वह मेरठ (Meerut) में भेष बदल कर रह रहा है. सूचना के आधार पर हमने योजना बनाकर मेरठ (Meerut) में रेड की तो उसे वहां से काबू कर यमुनानगर पुलिस (Police) के हवाले कर दिया गया है.

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