Sunday , 12 July 2020
21 दिन बाद भोपा की हत्या चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

21 दिन बाद भोपा की हत्या चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

डूंगरपुर. जिले के रामसागड़ा पुलिस ने शनिवार को सुरों का तालाब गांव में 21 दिन पहले 9 मई को हुए अमरा बरंडा (भोपा) की हत्या मामले का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इन चार आरोपियों में तीन मनरेगा श्रमिक हैं. चारों आरोपियों की पहचान देवीलाल पुत्र डूंगर बरंडा, रैवा भगोरा पुत्र हामजी भगोरा , मुकेश भगोरा, प्रभु के रूप में हुई है.  

थानाधिकारी अरुण कुमार खांट ने बताया कि एसपी जय यादव के निर्देशन में मामले की छानबीन शुरू की गई. जाँच के आधार पर हत्या का कारण पुरानी दुश्मनी सामने आई. चारों आरोपियों में से तीन आरोपियों की अलग अलग बात पर अमरा से दुश्मनी थी ,जबकि चौथा आरोपी बाकि के तीन आरोपियों का मित्र था. अमरा का देवीलाल से जमीन को लेकर विवाद चला रहा था. अमरा अक्सर रैवा के घर आता-जाता रहता था.

चारों आरोपियों ने 5 मई को अमरा की हत्या की साजिश रची. जिसके तहत ये लोग अमरा पर नजर रखने लगे. अमरा  8 मई शाम 4 बजे जब अपने घर से जंगल की तरफ जाता दिखा. रात 8 बजे अमरा रोजाना की तरह रैवा के घर आया. देवीलाल भी वहां मौजूद था. अमरा, देवीलाल रैवा के घर के पीछे बैठे हुए थे. रैवा अपने मित्र प्रभु को उसके घर से बुला लाया. इधर देवीलाल मुकेश को बुला लिया. फिर चारों ने मिलकर अमरा के सिर पर धारदार हथियार से हमला करके उसकी हत्या कर दी. उसके बाद सबूतों को नष्ट करने के लिए उन्हें पास की ही पहाड़ी पर जला . और घटनास्थल पर खून से सनी मिट्टी को मोटर के पानी से मूंग की फसल के खेत में बहा दिया.

दुश्मनी का कारण

देवीलाल अपने पिता डूंगर की हत्या का बदला लेना चाह रहा था. देवीलाल के पिता डूंगर लाल की हत्या अमरा के बेटे हाजा व उसके साथी ने 2013 में कर दी थी. इसी कारण देवीलाल अमरा से दुश्मनी मानता था, और उसकी हत्या करना चाहता था.

रैवा की बहू बीमार रहती है जिसका अमरा जड़ी-बूटी से इलाज कर रहा था. अमरा ने रैवा से कहा कि बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए हम बिस्तर करना पड़ेगा तो ही बीमारी जा सकती है. वह राजी भी हो गया, लेकिन बीमारी नहीं मिटी. अमरा ने इसके बाद रैवाकी बहू  के साथ कई बार संबंध बनाकर दोस्ती में धोखा दिया..

मुकेश भगोरा की दो-तीन वर्ष से बीमार पत्नी से इलाज के नाम पर धोखे से संबंध बनाये.  ठीक नहीं होने पर फिर से संबंध बनाए. तब से अमरा दुश्मन बन गया था. क्योंकि अमरा ने धोखा देकर गलत फायदा उठाया था.

प्रभु पुत्र हाजा बरंडा देवीलाल, रैवा के साथ मनरेगा में काम करता है. वहीं तीनों में गहरी दोस्ती हो गई. देवीलाल ने रैवा एवं प्रभु को अमरा से बदला लेने की बात कही. इस पर प्रभु ने दोस्ती के नाते देवीलाल व रैवा का हत्या करने में पूरा साथ दिया.

अमरा बरंडा 8 मई को शाम करीब 4 बजे जड़ी बूटी लेने जंगल की तरफ गए थे. रात तक घर नहीं लौटे फिर अगले दिन 9 मई को अमरा की बहन मनरेगा में काम करने गई थी. सुरों का तालाब बड़गवाला जंगल में शव मिलने की सूचना मिली. पिता अमरा बरंडा का शव दर्रे में पड़ा था. गले, सिर व कपाल पर गंभीर चोंट के निशान थे. इस पर वीरेंद्र पुत्र अमरा बरंडा ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई.

थानाधिकारी के नेतृत्व में वैंजा चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह, हैड कांस्टेबल गजराज सिंह, खुशपाल सिंह, हेमेंद्र​ सिंह, गिरीश, मुकेश, कांस्टेबल मनोहरलाल व वैंजा चौकी स्टाफ ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की.