पीएम मोदी की दोस्ती इजरायल के लिए बहुत खास, 7 अक्टूबर हमले के बाद सबसे पहले किया था फोन : इजरायली राजदूत (आईएएनएस एक्सक्लूसिव)

नई दिल्ली, 26 फरवरी . भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार का मानना ​​है कि इजरायल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा करता है और उनकी दोस्ती देश के लिए बहुत खास है.

अजार ने को दिए एक विशेष इंटरव्यू में कहा, “हम वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हैं. उनकी दोस्ती हमारे लिए बहुत खास है. हमने देखा कि 7 अक्टूबर (हमास हमले) के बाद उन्होंने सबसे पहले हमें फोन किया था और डेढ़ साल में वे किस तरह हमारे साथ खड़े रहे. हम जानते हैं कि हम कई चीजों पर एक जैसा सोचते हैं. हमारे सामने समान चुनौतियां हैं. इसलिए, मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हम एक साथ कई और चीजें कर पाएंगे.”

इजरायली राजदूत ने भारत को ‘दुनिया में एक उभरती हुई शक्ति’ भी कहा, जो इजरायल के लिए न केवल एक व्यापारिक भागीदार के रूप में, बल्कि इसकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक तत्व के रूप में भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है.

अनुभवी राजनयिक का मानना ​​है कि ‘भारत-इजरायल के बीच बढ़ती महान साझेदारी’ का श्रेय दोनों देशों के नेताओं – प्रधानमंत्री मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जाता है, क्योंकि वे समान दृष्टिकोण रखते हैं और दोनों का एजेंडा विकास है.

अजार ने कहा, “वे स्वतंत्रता में विश्वास करते हैं. वे मुक्त बाजार और सुधार में विश्वास करते हैं. ये बातें उन्हें एक साथ लाई हैं. हम रक्षा, रक्षा उद्योग, सिंचाई और जल-संबंधी कई मुद्दों पर भारत के साथ काम कर रहे हैं. अब, हमारे सामने उच्च तकनीक और इनोवेशन जैसे मुद्दों पर काम करने की चुनौती है, जो अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डालते हैं.”

दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को रेखांकित करते हुए, इजरायली राजदूत ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के निमंत्रण पर इस महीने की शुरुआत में इजरायल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के नेतृत्व में सीईओ प्रतिनिधिमंडल की ऐतिहासिक उच्च स्तरीय यात्रा पर प्रकाश डाला.

स्वास्थ्य सेवा, साइबर और एचएलएस, ऊर्जा, ऑटोमोटिव, खुदरा, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक क्षेत्रों के 100 से अधिक शीर्ष इजरायली सीईओ वाले प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था.

अजार ने कहा, “करीब 80 से 100 कंपनियां यहां कारोबार करने आईं. उन्होंने भारतीय कंपनियों से मुलाकात की. हम बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम करना चाहते हैं क्योंकि भारत के पास इस क्षेत्र में देने के लिए बहुत कुछ है. हम व्यापार को आसान बनाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं. हमने उन सभी चीजों की रूपरेखा तैयार कर ली है जिन्हें हम साथ मिलकर करना चाहते हैं. हम भारत सरकार के साथ मिलकर बहुत गंभीरता से काम कर रहे हैं…मुझे उम्मीद है कि इस साल, जब हम इस युद्ध से बाहर आ रहे हैं और अधिक काम करने के लिए उत्साहित हैं और हम इसे हासिल कर लेंगे.”

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