
तिरुवनंतपुरम, 22 मई . Prime Minister Narendra Modi द्वारा भारतीयों से छुट्टियां मनाने, कॉन्फ्रेंस, शादी और अन्य आयोजनों के लिए देश के भीतर के पर्यटन स्थलों को चुनने की अपील ने India के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए बड़ा आर्थिक अवसर पैदा किया है. यह बात होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने कही.
उद्योग संगठन ने कहा कि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की Prime Minister की पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक भू-Political अस्थिरता, धीमी आर्थिक वृद्धि और बदलते ट्रैवल पैटर्न अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार की तस्वीर बदल रहे हैं.
एचएआई के अनुसार, India के पास दुनिया के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल होने का बड़ा अवसर है. देश अवकाश, बिजनेस, मेडिकल और आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मजबूत पहचान बना सकता है, साथ ही विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूत कर सकता है.
संगठन ने कहा कि यह पहल केवल भारतीयों को देश में घूमने के लिए प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं है.
इससे होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिट्रीट और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की संभावना बनेगी, जिससे शहरी और ग्रामीण India दोनों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रेडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया चेयरमैन के.बी. काचरू ने कहा, “आने वाले वर्षों में India के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की वृद्धि में विदेशी पर्यटकों की भूमिका बेहद अहम होगी.”
उन्होंने कहा, “India के पास विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार अनुभवों के साथ खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का मौका है.”
एचएआई ने कहा कि स्थिर लोकतंत्र, सांस्कृतिक विविधता और बेहतर होते इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से India वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित और अनुभव-आधारित पर्यटन स्थलों की तलाश कर रहे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित कर रहा है.
संगठन ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, खानपान, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, रिटेल और मनोरंजन क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा, जिससे India की विदेशी मुद्रा आय में बड़ा इजाफा हो सकता है.
उद्योग संगठन का अनुमान है कि लगातार बढ़ते पर्यटन से आने वाले वर्षों में पर्यटन से जुड़ी विदेशी मुद्रा आय में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
एसोसिएशन को उम्मीद है कि घरेलू पर्यटन की बढ़ती मांग से मिड-मार्केट, प्रीमियम और लग्जरी होटल, क्रूज, हेरिटेज पर्यटन स्थल, धार्मिक पर्यटन सर्किट और एमआईसीई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश तेजी से बढ़ेगा.
उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि इससे India के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दीर्घकालिक विदेशी निवेश, वैश्विक विशेषज्ञता और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा.
काचरू ने कहा कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में विदेशी निवेश से निर्माण, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को भी फायदा होगा और बड़े पैमाने पर स्थायी रोजगार पैदा होंगे.
एचएआई ने जोर देकर कहा कि India के ‘विजन 2047’ रोडमैप के तहत इस सेक्टर की पूरी क्षमता को सामने लाने के लिए तेज मंजूरी प्रक्रिया, स्पष्ट नियम और लक्षित प्रोत्साहन बेहद जरूरी होंगे.
–
डीबीपी