Saturday , 15 May 2021

पीएम मोदी करेंगे देश के पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का शुभारंभ


नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) यानी 29 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के ‘न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन’ का उद्घाटन करेंगे. इस आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी प्रयागराज (Prayagraj)में ईडीएफसी के परिचालन नियंत्रण केंद्र (ओसीसी) का भी शुभारंभ करेंगे. ईडीएफसी का 351 किलोमीटर लंबा न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन 5,750 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यह सेक्शन मौजूदा कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन से भी भीड़भाड़ कम कर देगा और भारतीय रेलवे (Railway)को तेज ट्रेन चलाने में सक्षम करेगा. प्रयागराज (Prayagraj)में एक अत्याधुनिक ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) ईडीएफसी के पूरे रूट के लिए कमान सेंटर के रूप में कार्य करेगा.

आधुनिक आंतरिक सज्जा, श्रम दक्षता संबंधी डिज़ाइन और सर्वश्रेष्ठ ध्वनि विज्ञान के साथ ओसीसी विश्व स्तर पर अपने प्रकार की सबसे बड़ी संरचनाओं में से एक है पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) 1856 मार्ग किलोमीटर लंबा है. यह लुधियाना (पंजाब) के पास साहनेवाल से शुरू होता है और पंजाब, हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश, बिहार (Bihar) और झारखंड राज्यों से गुजरकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दनकुनी में समाप्त होता है. यह सेक्शन स्थानीय उद्योगों जैसे एल्यूमीनियम उद्योग (कानपुर (Kanpur) देहात जिले का पुखरायां क्षेत्र), डेयरी क्षेत्र (औरैया जिला), कपड़ा उत्पादन ब्लॉक प्रिंटिंग (इटावा जिला), कांच के सामान के उद्योग (फिरोजाबाद जिला), पॉटरी (बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले के खुर्जा),हींग उत्पादन (हाथरस जिला) और ताले और हार्डवेयर (अलीगढ़ (Aligarh) जिला) के लिए नए अवसर खोलेगा.

इस परियोजना का उद्देश्य गलियारे के मार्ग के साथ राज्यों में बुनियादी ढांचे और उद्योग को रफ्तार देना है. कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस कॉरिडोर का करीब 57 प्रतिशत हिस्सा यूपी से होकर गुजरेगा. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट को देखते हुए यहां पर लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं. यमुना प्राधिकरण ने 1400 हेक्टेयर और ग्रेटर नोएडा (Noida) प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 700 एकड़ में लॉजिस्टिक हब विकसित करने का खाका खींचा जा चुका है. इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार ने लॉजिस्टिक व वेयर हाउसिंग को उद्योग की श्रेणी में कर दिया है.

जमीनों के दाम कम होने से निवेशकों को फायदा मिलेगा. जेवर में एयरपोर्ट आने और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन गौतम बुद्ध नगर में बनने से लॉजिस्टिक हब की जरूरत बढ़ी है. यही कारण है कि अब औद्योगिक विकास प्राधिकरणों ने लॉजिस्टिक हब के लिए अपनी योजना बना ली है. प्रदेश सरकार ने इसकी गंभीरता को देखते हुए लॉजिस्टिक व वेयर हाउसिंग की श्रेणी को व्यावसायिक से बदलकर औेद्योगिक में कर दिया है. अब इनके निवेशकों को औद्योगिक दर पर जमीन मिल सकेगी. अब पहले से सस्ती दर पर जमीन प्राधिकरण दे सकेंगे.

Please share this news