एससीओ समिट को पीएम मोदी करेंगे संबोधित इमरान की मौजूदगी में पाक होगा बेनकाब – Daily Kiran
Saturday , 23 October 2021

एससीओ समिट को पीएम मोदी करेंगे संबोधित इमरान की मौजूदगी में पाक होगा बेनकाब

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शुक्रवार (Friday) को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक शिखर बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करेंगे. इस बैठक में अफगानिस्तान संकट, आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. इस बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हो रहे हैं. माना जा रहा है कि इमरान खान की मौजूदगी में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आतंकवाद का मद्दा उठाएंगे और आतंक के आका की फिर से पोल खोलेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि एससीओ परिषद के सदस्य देशों के प्रमुखों की 21वीं बैठक शुक्रवार (Friday) को हाइब्रिड प्रारूप में दुशांबे में हो रही है जिसकी अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वीडियो लिंक के जरिए शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे और दुशांबे में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे. एस जयशंकर बैठक में हिस्सा लेने के लिये दुशांबे रवाना हो गये हैं. शिखर बैठक के बाद सम्पर्क बैठक होगी. इस दौरान अफगानिस्तान के अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा, सहयोग एवं सम्पर्क सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

मंत्रालय के अनुसार, एससीओ की शिखर बैठक में सदस्य देशों के नेताओं के अलावा पर्यवेक्षक देश, संगठन के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे के कार्यकारी निदेशक, तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति एवं अन्य आमंत्रित अतिथि शामिल होंगे. एक ओर जहां पीएम मोदी वर्चुअली समिट को संबोधित करेंगे, वहीं इसमें शामिल होने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान दो दिवसीय दौरे पर तजाकिस्तान पहुंचे हैं. इस बैठक के अलावा, इमरान खान अन्य देशों के साथ द्वीपक्षीय बैठक कर सकते हैं. समिट में प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान की मौजूदगी में इस क्षेत्र में आतंकवाद का मुद्दा उठा सकते हैं. बैठक का महत्व इसलिये भी बढ़ जाता है क्योंकि संगठन इस वर्ष अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है. दुशांबे में जयशंकर एससीओ के सदस्य देशों के प्रमुखों की अफगानिस्तान पर एक बैठक में शामिल होंगे. पहली बार एससीओ की शिखर बैठक हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित की जा रही है और यह चौथी शिखर बैठक है जिसमें भारत एससीओ के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में हिस्सा ले रहा है. हाईब्रिड प्रारूप के तहत आयोजन के कुछ हिस्से को डिजिटल आधार पर और शेष हिस्से को आमंत्रित सदस्यों की भौतिक उपस्थिति के माध्यम से संपन्न किया जाता है. मंत्रालय के अनुसार इस शिखर बैठक में नेताओं द्वारा पिछले दो दशकों में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करने और भविष्य में सहयोग की संभावना पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है. एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी और भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना. बागची ने बताया कि जयशंकर अपनी दुशांबे यात्रा के दौरान विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ चर्चा करेंगे. दुशांबे में इस बैठक में ईरान के भी हिस्सा लेने की संभावना है. इसके अलावा चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के एससीओ बैठक के लिए दुशांबे आने की संभावना है. उन्होंने बताया कि वाशिंगटन में प्रधानमंत्री मोदी जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी 24 सितंबर को अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उल्लेखनीय है कि क्वाड समूह में अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. अमेरिका क्वाड समूह की बैठक कर रहा है जिसमें समूह के नेता हिस्सा लेंगे. इसके जरिये अमेरिका हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और समूह के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का मजबूत संकेत देना चाहता है.

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