Wednesday , 14 April 2021

पीएम मोदी ने किया ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन

नई दिल्ली (New Delhi) . प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के ‘न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन’ का उद्घाटन किया. ईडीएफसी का 351 किलोमीटर लंबा न्यू भाऊपुर- न्यू खुर्जा सेक्शन 5,750 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. यह सेक्शन मौजूदा कानपुर-दिल्ली मुख्य लाइन से भी भीड़भाड़ कम कर देगा और भारतीय रेलवे (Railway)को तेज ट्रेन चलाने में सक्षम करेगा. इस कॉरिडोर के पूरी तरह बनने के बाद इस पर 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी चलाई जा सकेगी. यात्री ट्रेनों की वजह से अभी मालगाड़ियों को इतनी दूरी तय करने में कई बार पूरा दिन लग जाता है.

यात्री ट्रेनों को पास देने के लिए मालगाड़ी को लूप लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा. भारतीय रेल में ढेरों ऐसे सेक्शन हैं, जिनमें क्षमता से ज्यादा गाड़ियां चलाई जा रही हैं. कंजेशन के मामले में दिल्ली-कानपुर (Kanpur) सेक्शन नंबर वन पर है. इस सेक्शन पर ट्रेनों की इतनी अधिकता है कि कम महत्व वाली गाड़ियां छह-सात घंटे तक लेट हो जाती हैं. पहले से मौजूद ट्रैक पर सामान्य दिनों में करीब 170 से 200 मालगाड़ियां जबकि 375 यात्री ट्रेनें दौड़ रही थीं. मालगाड़ियां स्थानांतरित होने से ट्रैक यात्री ट्रेनों के लिए रह जाएगा, जिससे ट्रेनों के लेट होने का संभावना कम हो जाएगी और रफ्तार में भी तेजी आएगी. दिल्ली से कानपुर (Kanpur) के बीच अब प्रीमियम ट्रेनों के अलावा मेल-एक्सप्रेस, सवारी गाड़ी और डीएमयू या एमईएमयू जैसी गाड़ियों को भी आसानी से रास्ता मिलेगा.

पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) 1856 मार्ग किलोमीटर लंबा है. यह लुधियाना (पंजाब) के पास साहनेवाल से शुरू होता है और पंजाब, हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश, बिहार (Bihar) और झारखंड राज्यों से गुजरकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के डानकुनी में खत्म होता है. यह सेक्शन स्थानीय उद्योगों जैसे एल्यूमीनियम उद्योग (कानपुर (Kanpur) देहात जिले का पुखरायां क्षेत्र), डेयरी क्षेत्र (औरैया जिला), कपड़ा उत्पादन / ब्लॉक प्रिंटिंग (इटावा जिला), कांच के सामान के उद्योग (फिरोजाबाद जिला), पॉटरी (बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले के खुर्जा), हींग उत्पादन (हाथरस जिला) और ताले और हार्डवेयर (अलीगढ़ (Aligarh) जिला) के लिए नए अवसर खोलेगा. इस परियोजना का उद्देश्य गलियारे के मार्ग के साथ राज्यों में बुनियादी ढांचे और उद्योग को रफ्तार देना है.

कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस कॉरिडोर का करीब 57 प्रतिशत हिस्सा यूपी से होकर गुजरेगा. जेवर में एयरपोर्ट आने और ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन गौतम बुद्ध नगर में बनने से लॉजिस्टिक हब की जरूरत बढ़ी है. यही कारण है कि अब औद्योगिक विकास प्राधिकरणों ने लॉजिस्टिक हब के लिए अपनी योजना बना ली है. प्रदेश सरकार ने इसकी गंभीरता को देखते हुए लॉजिस्टिक व वेयर हाउसिंग की श्रेणी को व्यावसायिक से बदलकर औद्योगिक में कर दिया है. अब इनके निवेशकों को औद्योगिक दर पर जमीन मिल सकेगी.

अब पहले से सस्ती दर पर जमीन प्राधिकरण दे सकेंगे. ईस्टर्न–वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट को देखते हुए यहां पर लॉजिस्टिक हब विकसित किए जा रहे हैं. यमुना प्राधिकरण ने 1400 हेक्टेयर और ग्रेटर नोएडा (Noida) प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 700 एकड़ में लॉजिस्टिक हब विकसित करने का खाका खींचा जा चुका है.

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