ओडिशा की रैली में मंच से पीएम मोदी ने सीएम पटनायक को दिया यह चैलेंज

बलांगीर, 11 मई . ओडिशा के बलांगीर में प्रधानमंत्री मोदी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर तीखा हमला बोला. इस दौरान पीएम मोदी ने सीएम पटनायक को मंच से ओडिशा के बिना कागज लिए 10 गांवों के नाम बताने का चैलेंज दिया.

प्रधानमंत्री मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आपके इलाके में मुख्यमंत्री चुनाव लड़ने के लिए आए हैं. गाजे बाजे से उनकी विदाई कर दीजिए. अगर नवीन पटनायक आपके यहां चुनाव प्रचार के लिए आ जाएं और आपके नसीब में उनसे मिलना हो जाए, क्योंकि वह किसी से मिलते नहीं है. लेकिन, आपका उनसे मिलना हो जाए तो उनसे पूछना कि आप जहां से चुनाव लड़ रहे हैं, बिना कागज लिए वहां के 10 गांवों के नाम बोल दीजिए. वे दस गांवों के नाम नहीं बता पाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा, इतने साल मुख्यमंत्री रहे और जहां चुनाव लड़ने आए हैं, वहां के 10 गांवों के नाम बिना कागज के बोल दें, वे यहां की जमीन से कटे हुए हैं, वे आपसे कटे हुए हैं, वो आपके दुख नहीं जानते. वो आपके सपने को नहीं समझते, वो आपके सामर्थ्य को नहीं जानते हैं.

रैली में मौजूद लोगों से पीएम मोदी ने सवाल किया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या ओडिशा का जन्म हुआ. ओडिशा की धरती, ओडिशा की संस्कृति हज़ारों साल पुरानी है. लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ यहां की गरीबी की तस्वीरें ही दुनिया को दिखाई. बीजेडी ने भी न गरीबी दूर करने के लिए कुछ किया और न कांग्रेस के प्रयासों को रोकने की हिम्मत दिखाई. लेकिन आपका ये बेटा ओडिशा की गौरवमयी धरोहर को मां भारती का सर्वश्रेष्ठ आभूषण मानता है.

पीएम मोदी ने कहा कि जब दिल्ली में जी-20 सम्मेलन हुआ था, पूरी दुनिया के बड़े-बड़े नेता आए, तो मैंने वहां कोणार्क सूर्य मंदिर के चक्र के सामने उनकी तस्वीरें खिंचवाई. दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं के घर में कोणार्क सूर्य मंदिर के चक्र वाली तस्वीर है. हमारी सरकार ने ही ओड़िया वीरता के प्रतीक पाइका संग्राम के मेमोरियल को स्वीकृति दी. हमारी सरकार ने पाइका संग्राम के सम्मान में एक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया. और सबसे बड़ी बात, ये भाजपा सरकार ही है, जिसने पहली बार एक आदिवासी बेटी को देश का राष्ट्रपति बनाया. आज ओडिशा की बेटी देश की तीनों सेनाओं को कमांड करती है. आज ओडिशा की बेटी राष्ट्र का गौरव है. आज ओडिशा की बेटी राष्ट्र को दिशा दे रही है.

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