पीएम मोदी ने 41 हजार करोड़ रुपये की दो हजार से अधिक रेल परियोजनाओं काेे राष्ट्र को किया समर्पित

नई दिल्ली, 26 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 फरवरी को देश की जनता को एक बड़ी सौगात देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लगभग 2,000 रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 2021 जगहों से करीब 40 लाख लोग जुड़े थे. इसमे 11 जगहों से मुख्यमंत्री समेत अन्य विशिष्ट लोग शामिल थे.

इससे पहले प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया. इस प्रयास के तहत एक बड़े कदम के रूप में प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 553 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का शिलान्यास किया. 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित इन स्टेशनों का 19,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा. ये स्टेशन शहर के दोनों किनारों को एक साथ मिलाते हुए ‘शहर के केंद्र’ के रूप में कार्य करेंगे.

इन स्टेशनों पर आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होगी. इनमें छत प्लाजा, सुंदर भूदृश्य, इंटर मॉडल कनेक्टिविटी, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, कियोस्क, फूड कोर्ट आदि शामिल हैं. साथ ही, इन्हें पर्यावरण और दिव्यांगों के अनुकूल पुनर्विकसित किया जाएगा. इन स्टेशन भवनों का डिजाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा.

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में गोमती नगर स्टेशन का उद्घाटन किया. लगभग 385 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्विकास किया गया है. भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस स्टेशन पर आगमन और प्रस्थान सुविधाओं को अलग कर दिया गया है. यह शहर के दोनों हिस्सों को जोड़ता है.

इस केंद्रीय वातानुकूलित स्टेशन में आधुनिक यात्री सुविधाएं जैसे कि एयर कॉनकोर्स, कंजेशन फ्री सर्कुलेशन, फूड कोर्ट और ऊपरी व निचले बेसमेंट में पर्याप्त पार्किंग स्थान है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 1500 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास भी राष्ट्र को समर्पित किया. ये रोड ओवरब्रिज व अंडरपास 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित हैं. लगभग 21,520 करोड़ रुपये की लागत से इन परियोजनाओं का निर्माण किया गया है. इन परियोजनाओं से भीड़ कम होगी, सुरक्षा व कनेक्टिविटी बढ़ेगी और रेल यात्रा की क्षमता व दक्षता में सुधार होगा.

पीकेटी/