Monday , 26 July 2021

स्थगन आदेश के बावजूद बेच रहे थे भूखंड

भोपाल (Bhopal) . राजधानी की हजरत निजामुद्दीन हाउसिंग सोसायटी में अनियमितताओं की लगातार शिकायतें जिला सहकारिता कार्यालय को ‎मिल रही थी. इन शिकायतों की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद भी सोसायटी के पदाधिकारी संस्था के भूखंडों को बेच रहे हैं. इसके बाद उपायुक्त सहकारिता बबलू सातनकर ने हजरत निजामुद्दीन हाउसिंग सोसायटी की रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी है.

अपने आदेश में उन्होंने स्पष्ट किया है कि पूर्व में न्यायालय पंजीयन संस्था भोपाल (Bhopal) ने 22 दिसंबर 2020 को सोसायटी के भूखंडों को बेचने के मामले में स्थगन आदेश देते हुए तत्काल प्रभाव से प्लॉट वितरण व ब्रिकी पर रोक लगा दी थी. वर्तमान में रजिस्ट्री की रोक संबंधी प्रकरण न्यायालय राज्य सहकारी अधिकारी भोपाल (Bhopal) में विचाराधीन है. जब तक प्रकरण का निराकरण नहीं हो जाता, तब तक संस्था द्वारा भूखंडों के वितरण और बिक्री संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी. उपायुक्त ने वरिष्ठ जिला पंजीयक और जिला पंजीयक को भी इस संबंध में पत्र भेज दिया है, ताकि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सोसायटियों के प्लॉटों की रजिस्ट्रियां न हों. खास बात यह है कि जब हजरत निजामुद्दीन सोसायटी के पदाधिकारियों ने प्‍लॉट नंबर 40 की रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी निकलवाई, तो उन्हें पता चला कि इस प्‍लॉट की फर्जी रजिस्ट्री नवंबर 2017 को की गई है.

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