Sunday , 29 November 2020

PGIMS रोहतक में स्थापित किया जाएगा पोस्ट कोविड केयर एंड रिसर्च सेंटर


चंडीगढ़ (Chandigarh) . हरियाणा (Haryana) के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि पीजीआ रोहतक में शीघ्र ही एक ‘पोस्ट कोविड केयर एंड रिसर्च सैंटर’ स्थापित किया जाएगा ताकि कोरोना से ठीक हुए मरीजों के सामने आने वाली दिक्कतों दूर किया जा सके. स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में आयोजित वर्चुअल मीटिंग में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति ओ पी कालरा को शीघ्र ही प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं.

इस सेंटर में कोरोना से प्रभावित लोगों का न केवल उपचार किया जाएगा, बल्कि इससे ठीक होने बाद उन्हें जिन परेशानियों से गुजराना पड़ता है उन पर भी अनुसंधान किया जायेगा. उन्होंने कहा कि गत कुछ दिनों में कोरोना के मामले बढऩे से रिकवरी रेट 89.62 प्रतिशत हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.01 प्रतिशत है. इसके लिए सभी जिलों के सिविल सर्जनस को सैम्पलिंग बढ़ाने को कहा गया है. इसके लिए जिलों तथा शहरों में कोरोना जांच शिविर लगाने के भी निर्देश दिए ताकि इस पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके.

विज ने कहा कि सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई ऐप को भी डाऊनलोड करने के लिए सिविल सर्जनस प्रचार करें, जिससे मरीजों को उनके घर से अस्पतालों में बैड के उपलब्ध होने की जानकारी प्राप्त हो सके. इसके अलावा, विभिन्न जिलों में कोरोना की रेटिंग के आधार पर सिविल सर्जनस निजी अस्पतालों में बैड की उपलब्धता सुनिश्चित करवाएं. उन्होंने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को कोरोना मरीजों के लिए 100 बिस्तरों को आरक्षित करने को कहा ताकि मरीजों की संख्या बढऩे पर उनका उपयोग किया जा सके. इसके साथ ही पुलिस (Police) विभाग को बिना मास्क पहने हुए लोगों के साथ सख्ती बरतने तथा स्थानीय शहरी निकाय विभाग को प्रत्येक दुकान की मास्क चेकिंग करने को भी कहा.

स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूलों में कुछ बच्चों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी स्कूलों में जाकर बच्चों तथा अन्य स्टॉफ की कोरोना जांच करे तथा जो भी स्कूल लापरवाही करता पाया जाए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही फैक्टरियों में कोरोना के टेस्ट किए जाए. स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने इस संबंध प्रस्तुतिकरण दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए जो भी एसओपी बनाई गई है, उनका सख्ती से पालन करवाया जाए.