Thursday , 29 July 2021

पीएमटी घोटाले के आरोपित की याचिका खारिज

भोपाल (Bhopal) . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के बहु‎च‎‎र्चित पीएमटी घोटाले के आरोपित की उस याचिका को ग्वालियर (Gwalior) हाईकोर्ट की युगल पीठ ने खारिज कर दिया है जिसमें याचिकाकर्ता ने एमबीबीएस के अंतिम वर्ष को पूर्ण करने व इंटर्नशिप करने की अनुमति की मांग की थी. आरो‎पित की या‎चिका को समय की बरबादी बताते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर दस हजार रुपये का हर्जाना भी ठोक ‎दिया है. निर्मला सोलंकी का मेडिकल कालेज से प्रवेश निरस्त किया जा चुका है. इस फैसले को दूसरी बार हाई कोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी थी.

एमबीबीएस अंतिम वर्ष पूर्ण करने के साथ इंटर्नशिप की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट के संज्ञान में 2018 में पेश की गई याचिका को भी संज्ञान में लाया गया. जिसे 13 अप्रैल 2018 को खारिज कर दिया. निर्मला सोलंकी की इस याचिका को अन्य आरोपितों की याचिकाओं के साथ खारिज किया गया था. इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में चुनौती दी गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने भी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद फिर से नई याचिका दायर की.

कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट का समय बर्बाद किया है. इसलिए दस हजार रुपये का हर्जाना लगाया जाता है. हर्जाने की राशि 30 दिन में जमा करना होगी. उधर धार्मिक स्थलों पर तीव्र ध्वनी विस्तारक यंत्रों को बंद कराने के लिए हिंदू महासभा प्रशासन को ज्ञापन देगी. हिमस नेताओं ने बताया कि शहर में जगह-जगह पर धार्मिक स्थलों में लगे तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र शहरवासियों की परेशानी का कारण बने हुए हैं. इसकी वजह से बच्चों की पढाई से लेकर आम नागरिकों को अनेक तरह की परेशानियों को झेलना पड रहा है. ध्वनि विस्तारक यंत्रों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) की गाइड लाइन बनी हुई है, लेकिन धार्मिक स्थलों पर इनका पालन नहीं किया जा रहा है.

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