Saturday , 19 June 2021

पालतू कुत्ते ने 9 साल के बच्चे को काटा

नागपुर . 9 साल के बच्चे को एक कुत्ते ने काट लिया था. इस घटना के सात साल बाद अब कोर्ट ने कुत्ते के मालिक को छह महीने जेल की सजा सुनाई है. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की अदालत ने यह फैसला सुनाया. इसके अलावा उनके ऊपर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 289 के तहत दंडनीय अपराध के लिए शहर के श्रीकृष्णन नगर की निवासी डॉ संगीता विजय बालकोटे को दोषी माना. इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 248 (1) के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया. कोर्ट ने कहा कि दोषी को 50,000 रुपये की राशि बच्चे की मां सोनल नंदकुमार बडकुले को देनी होगी, जिन्होंने सीआरपीसी की धारा 357 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी.

कोर्ट ने कहा, ‘आरोपी की लापरवाही के कारण, कुत्ते के काटने से संक्रमण के कारण आज तक पीड़ित का जीवन खतरे में है. इसलिए, अपराध के तथ्य और प्रकृति पर विचार करते हुए, छह महीने के कारावास की सजा से पीड़ित को न्याय मिलेगा.’ शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना 29 जून 2014 की है, जब उसका बेटा अपने दोस्तों के साथ सुबह के समय नंदनवन में अपने घर के सामने सड़क पर टहल रहा था. आरोपी के पालतू कुत्ते ने एक और कुत्ते का पीछा किया और इस दौरान उनके बेटे को काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. कुत्ते ने बच्चे के गर्दन, कंधे और पैरों पर काटा. इसके बाद महिला ने नंदनवन पुलिस (Police) स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. 2 जनवरी 2015 को आरोपी को उसकी गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया था. फैसला सुनाते हुए, जेएमएफसी ने चेतावनी दी कि अगर दोषी ने पीड़ित को मुआवजा नहीं दिया तो उसे छह महीने की और जेल भुगतनी पड़ेगी.

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