Sunday , 29 November 2020

कोरोना काल में मेडिकल उपकरण विकसित कर पीडीपीयू ने किया ज्ञान और सेवा का सुंदर समन्वयः मुकेश अंबानी


अहमदाबाद (Ahmedabad) . पीडीपीयू के इस आठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीडीपीयू के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कहा कि इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) (Prime Minister Narendra Modi) की उपस्थिति से हम गौरवांवित महसूस कर रहे हैं. उनके प्रखर और गतिशील नेतृत्व के कारण पूरे विश्व का ध्यान आज ‘न्यू इंडिया’ के रूप में उभर रहे भारत पर केंद्रित हुआ है. उनके आत्मविश्वास और समर्पण भाव ने समूचे देश को प्रेरित और प्रोत्साहित किया है. अंबानी ने कहा कि पीडीपीयू को स्थापित हुए सिर्फ 14 वर्ष हुए हैं, इसके बावजूद इस यूनिवर्सिटी ने ‘अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स’ में टॉप 25 में स्थान प्राप्त किया है. विविधता के नजरिए से देखें तो पीडीपीयू में हम दुनिया भर के विद्यार्थियों को आकर्षित करते हैं.

पीडीपीयू में 39 देशों के 284 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. उन्होंने कहा कि 2009 में जब पीडीपीयू का पहला दीक्षांत समारोह हुआ था तब कुल 132 विद्यार्थी ग्रेजुएट हुए थे, और आज कुल 2608 विद्यार्थी हमारी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हो रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि आज नेशनल रैंकिंग प्राप्त पीडीपीयू जल्द ही ग्लोबल रैंकिंग में भी अपना स्थान बनाएगी. अंबानी ने कहा कि पीडीपीयू की प्रशंसा करने के लिए आज मेरे पास एक विशिष्ट कारण है. कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) के कारण दुनिया भर की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के करियर पर अंधकार के बादल छा गए हैं. लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से शैक्षणिक व्यस्तता, चर्चा और संशोधन के बहुमूल्य घंटे बर्बाद हो गए हैं. बावजूद इसके ऐसे चुनौतीजनक समय में भी पीडीपीयू ने असाधारण रूप से प्रशंसनीय कार्य किया है.

महामारी (Epidemic) के इस संकट के दौरान भी पीडीपीयू में शिक्षा की ज्योति और भी तेजस्विता के साथ प्रज्वलित रही. यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिषदों में अवार्ड-विनिंग रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने का कार्य निरंतर जारी रखा है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने डिजिटल माध्यम के जरिए अध्ययन के अलावा अन्य गतिविधियों को जारी रखा था. इन सभी बातों के लिए यूनिवर्सिटी के लिए उन्हें बेहद गर्व महसूस हुआ है. कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ देश की जंग में पीडीपीयू ने भी अपना योगदान दिया था, यह जानकर मेरा हृदय खुशी और गर्व की भावनाओं से छलक उठा है. यहां के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने अनेक मेडिकल उपकरण बनाए हैं, जिसमें आईसीयू वेंटिलेटर भी शामिल है. ज्ञान और सेवा के इस सुंदर समन्वय के लिए उन्होंने सभी को बधाई दी.

पीडीपीयू कम्यूनिटी के सदस्यों को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि अब तक हमारी संस्था ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं वह हमारे लिए आनंद की बात है. फिर भी सफलता के और नए शिखर छुने के लिए हमें अपने आप को और भी तैयार करना होगा. उन्होंने कहा कि कई अभूतपूर्व बदलाव ऊर्जा के भविष्य को आकार प्रदान कर रहे हैं और ये बदलाव मानव जाति के भविष्य को और हमारे इस ग्रह यानी पृथ्वी के भविष्य पर भी अपना प्रभाव डाल रहे हैं. अंबानी ने कहा कि हमारे सामने सर्वाधिक अहम सवाल यह है कि क्या हम पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना और क्लाइमेट चेंज से संबंधित हमारी जिम्मेदारियों को पूरा करने में विफल हुए बगैर हमारी अर्थव्यवस्था को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन कर सकेंगे? इस सवाल का जवाब पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘हां’ में देने के लिए हम सभी को तैयार रहना ही चाहिए.

उन्होंने कहा कि इन दोनों लक्ष्यों को एक साथ हासिल करने के लिए हमें नवीकरणीय, लो कार्बन और कार्बन रिसाइकिल टेक्नोलॉजी में एक विस्फोटक समाधान की जरूरत है. हमें ग्रीन और ब्लू हाइड्रोजन जैसे ऊर्जा के नए स्रोतों में सफलता प्राप्त करने की जरूरत है. हमें ऊर्जा के संग्रह, उसके बचाव और उसके उपयोग करने के लिए भी एक बड़े इनोवेशन की जरूरत है. अंबानी ने कहा कि सीखना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है. नई चीजों की खोज करना, नए अनुसंधान करना और नए उद्यम करना यह सभी कभी न खत्म होने वाली प्रक्रियाएं हैं. एक सच्चा विद्यार्थी ज्ञान हासिल करना कभी नहीं छोड़ता. महात्मा गांधी के शब्दों को दोहराते हुए उन्होंने सीख दी कि, ‘जीवन के लिए सीखो, जीवन से सीखो और जीवन भर सीखो.’ विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि जुनून, उद्देश्य और निरंतर प्रयासों के जरिए यात्राओं के स्वप्न एक दिन अवश्य पूरे होंगे. आप लोग पीडीपीयू का, आपके माता-पिता का और भारत का नाम रोशन करें.