Wednesday , 22 January 2020
केवाईसी फ्रॉड केस में पेटीएम ग्राहक ने गंवाए 1.7 लाख रुपए

केवाईसी फ्रॉड केस में पेटीएम ग्राहक ने गंवाए 1.7 लाख रुपए

पेटीएम ग्राहकों का केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ठगी करने वाले एक गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने मुंबई में गिरफ्तार किया है. इस गैंग ने मुंबई के एक व्यक्ति से 1.7 लाख रुपए की ठगी की है. पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों और इसके मुखिया की तलाश कर रही है, जो झारखंड के जामताड़ा जिले से है. जामताड़ा आज कल काफी सुर्खियों में है क्योंकि नेटफ्लिक्स ने यहां से अंजाम दिए जाने वाले डिजिटल फ्रॉड मामलों पर एक फिल्म हाल ही में रिलीज की है.

इस तरीके से की ठगी

एजेंसी की खबर के मुताबिक, शिकायतकर्ता अनिल शाह ने पुलिस को बताया कि उनके पास पिछले महीने एक अनजान नंबर से मैसेज आया कि वे अपना केवाईसी अपडेट करा लें. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा. शाह ने उस नंबर पर कॉल किया तो उन्हें ‘टीम व्यूअर ऐप’ डाउनलोड करने और किसी भी पेटीएम अकाउंट पर एक रुपया भेजने को कहा गया. शाह ने निर्देशों का पालन किया और दूसरे छोर पर बैठे व्यक्ति ने उनके पेटीएम का आईडी और पासवर्ड चुरा लिया. इसके पहले अनिल शाह कॉल कट कर पाते, उनके अकाउंट से 1.72 लाख रुपए निकाले जा चुके थे.

जामातड़ा में रहता है गैंग का सरगना

पुलिस को छानबीन में पता चला है कि मुख्य आरोपी ने इस रकम में से 50 हजार रुपए मूल्य के बिग-बाजार कैश वाउचर खरीदे और इन वाउचर्स को वॉट्सऐप के जरिए पकड़े गए तीन आरोपियों को भेजा. इन तीनों आरोपियों ने इन वाउचर्स से मोबाइल फोन खरीदे और उन्हें लोअर परेल और ग्रांट रोड क्षेत्रों में बेच दिया. इन तीनों आरोपियों ने बताया कि उनका सरगना जामताड़ा में रहता है.

सैंकड़ों लोगों के साथ की ठगी

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे अब तक सैंकड़ों लोगों के साथ इसी तरीके से ठगी कर चुके हैं. पुलिस ने उनके पास से लगभग 70 मोबाइल फोन बरामद किए जो उन्होंने बिग बाजार वाउचर्स से खरीदे थे. उनके अकाउंट में कुल 2.22 लाख रुपए थे. कोर्ट ने उन्हें 20 जनवरी तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया है और मामले की पड़ताल जारी है.