Wednesday , 16 June 2021

चुनाव आयोग से मिला तृणमूल सांसदों का दल, कहा- बंगाल में निष्पक्ष चुनाव एक कठिन लक्ष्य

नई दिल्ली (New Delhi) . पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मतदान केंद्रों के 100 मीटर के भीतर राज्य पुलिस (Police) के कर्मियों को उपस्थित रहने की अनुमति नहीं देने के चुनाव आयोग के कथित फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार (Friday) को चुनाव निकाय से मिला.
सांसदों ने यह आरोप लगाया कि बंगाल में निष्पक्ष चुनाव वास्तविकता से बहुत दूर होता जा रहा है.

सौगत रॉय, यशवंत सिन्हा, मोहम्मद नदीमुल हक, प्रतिमा मंडल और महुआ मोइत्रा सहित टीएमसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के कदम को पक्षपातपूर्ण बताया. चुनाव आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया यह अब बिल्कुल स्पष्ट हो रहा है कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव वास्तविकता से दूर होता जा रहा है. यह भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा राज्य में होने जा रहे चुनाव के संबंध में लिए गए पक्षपातपूर्ण कदम से स्पष्ट है.

उसमें कहा गया पहले उदाहरण के तौर पर, मीडिया (Media) में यह बताया गया है कि ईसीआई ने मतदान केंद्रों के 100 मीटर के भीतर राज्य पुलिस (Police) की मौजूदगी की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है और ऐसी जगहों पर केवल केंद्रीय बलों की तैनाती होगी. यदि यह सही है, तो यह निर्णय असामान्य है और जो पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पुलिस (Police) प्रशासन की प्रतिष्ठा पर गंभीर आक्षेप लगाता है.

ज्ञापन में कहा गया है कि उचित स्तर पर इसकी पुष्टि की जानी चाहिए. टीएमसी ने कहा कि ईसीआई का निर्णय केवल पश्चिम बंगाल (West Bengal) के लिए है, देश के चार अन्य राज्यों के लिए नहीं हैं, जहां उसके साथ चुनाव होने जा रहे हैं. पार्टी ने कहा कि केंद्रीय बलों की तैनाती कानून-व्यवस्था को संभालने में राज्य सरकार (State government) की मदद करने के लिए होनी चाहिए और न कि राज्य पुलिस (Police) के कर्मियों का जानबूझकर अपमान करने के लिए, जिन्होंने विभिन्न सरकारों के अंतर्गत काम किया है.

पार्टी के पत्र में कहा गया है इसलिए यह उपयुक्त मांग है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्रीय बलों के बीच उचित समन्वय होना चाहिए और राज्य और केंद्रीय पुलिस (Police) बल दोनों के संयुक्त समूहों को मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में तैनात किया जाना चाहिए. उसमें कहा गया है कि हम आपसे मतदान केंद्रों के 100 मीटर के भीतर केवल केंद्रीय बलों को तैनात करने के अपने निर्णय को वापस लेने का आग्रह करते हैं.

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