Friday , 14 May 2021

कोरोना महामारी से लड़ने में पंचायती राज संस्थाएं सक्रिय भूमिका निभाएं: मुख्यमंत्री

शिमला (Shimla) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) जय राम ठाकुर ने आज मंडी से प्रदेश में तीन स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के तीन हजार से अधिक प्रतिनिधियों से वर्चुअली बातचीत करते हुए कहा कि सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को आम जन और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करके अपने-अपने क्षेत्रों में कोरोना महामारी (Epidemic) से लड़ने में राज्य सरकार (State government) की मदद करने में एक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि देश, दुनिया और राज्य कोरोना महामारी (Epidemic) के कठिन दौर से गुजर रहे हैं इसलिए इस वायरस से लड़ने में सरकार का सहयोग करना हम सब का कर्तव्य है. उन्होंने कहा कि गत वर्ष पंचायती राज संस्थाओं के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों ने कोरोना महामारी (Epidemic) की पहली लहर के दौरान इस वायरस से निपटने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने न केवल फेस मास्क और हैंड सेनीटाइजर बल्कि जरूरतमंदों को राशन और खाने के पैकेट भी वितरित किए. उन्होंने कहा कि इस महामारी (Epidemic) की दूसरी लहर अधिक जानलेवा और खतरनाक है इसलिए पंचायती राज संस्थाओं के सभी नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस वायरस से निपटने के लिए सक्रियता से कार्य करना चाहिए.

जय राम ठाकुर ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को राज्य सरकार (State government) द्वारा समय-समय पर जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित पंचायतों के सभी लोग कोविड उपयुक्त व्यवहार करें और फेस मास्क का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को लोगों को सामाजिक, धार्मिक और अन्य कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में एकत्रित न होने के लिए भी जागरूक करना चाहिए.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि देश में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है. उन्होंने लोगों को स्वयं को इस वायरस से बचाने के लिए टीकाकरण के लिए आगे आने का आग्रह किया क्योंकि यह वायरस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा. उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की मदद और उनके परिवार के सदस्यों के साथ निरन्तर सम्पर्क में रहने को कहा. इससे मरीजों को इस वायरस से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों को इस वायरस को उनके परिवारों के अन्य सदस्यों में फैलने से रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय अपनाने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन में रह रहे व्यक्तियों को अन्य परिवारजनों द्वारा प्रयोग किए जा रहे शौचालय का उपयोग नहीं करना चाहिए और प्रतिनिधियों को मरीजों के लिए अलग शौचालय का प्रबन्ध करना चाहिए.

जय राम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को लोगों को टीकाकरण करवाने के लिए प्रेरित करना चाहिए और बड़े स्तर पर टीकाकरण के भी प्रबन्ध करने चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मन्दिरों को खुला रखने की अनुमति दी है परन्तु लंगरों, भण्डारों और र्कीतनों जैसे आयोजनों पर रोक लगाई है. उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सुनिश्चित करना चाहिए कि लोग प्रदेश सरकार द्वारा मन्दिरों और विवाह जैसे आयोजनों के संबंध में जारी की गई मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करें. उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को बीमारी से पीड़ित वृद्धजनांे को सार्वजनिक स्थलों पर न जाने के लिए प्रेरित करने को कहा क्योंकि यह महामारी (Epidemic) उनके लिए अधिक जानलेवा है. ऐसे लोगों को जितना हो सके घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों विशेषकर उन राज्यों जहां इस महामारी (Epidemic) का प्रकोप अधिक है, पर निरन्तर निगरानी रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो सके ऐसे लोगों को 10 से 14 दिनों तक होम क्वारंटीन में रहने और स्वयं की कोविड-19 (Covid-19) की जांच करवाने तथा संबंधित क्षेत्र की आम जनता के साथ मिलने-जुलने से परहेज करने को कहा जाए. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि किसी भी मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो उसे समय पर उचित स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानान्तरित किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोविड पाॅजिटिव पाया जाता है तो उसके प्राथमिक और द्वितीय सम्पर्कों को चिन्हित कर क्वारंटीन में रहने और स्वास्थ्य विभाग के मापदण्डों के अनुसार इस महामारी (Epidemic) के प्रति जांच करवाई जाए. उन्होंने प्रतिनिधियों से जल संरक्षण सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया.

ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कोरोना (Corona virus) के प्रसार से निपटने में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने में गहरी रूचि के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि घरों में आइसोलेशन में रहने वाले लोगों की पंचायती राज संस्थाएं कड़ी निगरानी सुनिश्चित करेेंगी.
स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि पंचायती राज प्रतिनिधियों को भी लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. उन्होंने कहा कि टीकाकरण से न केवल प्रतिरक्षा बढ़ेगी बल्कि इससे वायरस से लड़ने में भी सहयोग मिलेगा. उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन संस्था को सुदृढ़ किया जाना चाहिए.निदेशक, ग्रामीण विकास ललित जैन ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) का स्वागत किया.

पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए विभिन्न प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री (Chief Minister) के साथ संवाद किया.स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने भी बैठक में वर्चुअली भाग लिया, जबकि द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस (Police) अधीक्षक मंडी शालिनी अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी मुख्यमंत्री (Chief Minister) के साथ बैठक में मंडी में उपस्थित थे.

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