
चेन्नई, 22 फरवरी . दिल्ली Police द्वारा तिरुपुर में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने Sunday को तमिलनाडु की डीएमके Government की कड़ी आलोचना की.
फेसबुक अकाउंट पर जारी एक बयान में पलानीस्वामी ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया है कि दिल्ली Police ने तिरुपुर में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. यह घटना Chief Minister एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके Government के तहत सुरक्षा में गंभीर चूक को दर्शाती है.
उन्होंने कहा कि स्टालिन की डीएमके Government ने तमिलनाडु को एक ऐसे राज्य में बदल दिया है, जहां कानून-व्यवस्था बेहद खराब हो गई है. हत्या और लूटपाट की बढ़ती घटनाओं के अलावा स्थिति अब आतंकी साजिशों तक पहुंच गई है.
2022 के कोयंबटूर कार विस्फोट का जिक्र करते हुए पलानीस्वामी ने आरोप लगाया कि डीएमके Government ने आतंकी पहलू की संभावना को स्वीकार करने के बजाय, घटना को शुरुआत में सिलेंडर विस्फोट कहकर टाल दिया था. इस तरह के रवैये से राज्य में चरमपंथी खतरों से निपटने में गंभीरता की कमी झलकती है.
पलानीस्वामी ने तमिलनाडु Government से सवाल पूछा है, “जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियां तमिलनाडु में बार-बार आतंकी संदिग्धों को गिरफ्तार कर रही हैं, तो राज्य Government ने क्या सक्रिय कदम उठाए हैं? दिल्ली Police को हस्तक्षेप करने और गिरफ्तारियां करने की क्या जरूरत पड़ी?”
एआईएडीएमके नेता ने चेतावनी दी कि अगर “जिद्दी स्टालिन-मॉडल डीएमके” सत्ता में बनी रही, तो जनता में यह आशंका बढ़ रही है कि 1998 के कोयंबटूर विस्फोट जैसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में शांति बहाल करने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शासन में बदलाव आवश्यक है.
पलानीस्वामी ने कहा, “यदि कानून व्यवस्था कायम रखनी है और लोगों को सुरक्षित महसूस कराना है तो डीएमके Government का अंत होना चाहिए.”
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ओमप्रकाश/वीसी