‘प्रेम रोग’ से ‘द लास्ट कलर’ तक, सिनेमा ने पर्दे पर उतारी ‘सिंगल वूमेन’ की सशक्त कहानी
Mumbai , 22 जून . ‘वह क्रूर काल तांडव की स्मृति रेखा सी, वह टूटे तरु की छूटी लता सी दीन’ ये पंक्ति सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता ‘विधवा’ से है, जो इन महिलाओं के जीवन के संघर्ष को दिखाती है. साहित्य ही नहीं सिनेमा जगत भी विधवाओं की कहानियों को प्रभावी ढंग से चित्रित … Read more