दमोह में ‘हाथ काटने’ की धमकी की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

भोपाल/दमोह, 5 फरवरी . मध्य प्रदेश के दमोह जिले में दो लोगों के विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया. एक वर्ग के लोगों ने थाने में पहुंचकर दूसरे वर्ग से जुड़े व्यक्ति के हाथ तक काटने की बात कही. इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लिया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

दरअसल, शनिवार को दो लोगों के बीच दमयंती नगर में विवाद हो गया, इस विवाद के बाद एक वर्ग से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और थाने का घेराव करते हुए हंगामा किया. इस दौरान पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की भी हुई. इसके साथ ही माइक पर हाथ और गर्दन काटने तक की बात कही गई. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर दमोह की घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “दमोह में उपद्रवियों ने कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया, जिसे पुलिस प्रशासन ने समय पर संभाल लिया. प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था बनाये रखना हमारी प्राथमिकता है. दमोह की घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये गए हैं.”

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मजिस्ट्रियल जांच के लिए अपर कलेक्टर मीना मसराम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. जांच के मुख्य बिंदु भी जिलाधिकारी मयंक अग्रवाल ने तक कर दिए हैं. इस जांच में घटना का कारण पता किया जाएगा, इसके अलावा घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता किया जाएगा. घटना में शामिल लोगों का असामाजिक तत्वों से क्या संबंध है, यह भी पता किया जाएगा. इसके अलावा इस तरह की घटना ना हो, इसके लिए आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे.

एसएनपी/एबीएम

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