पीएम पोषण योजना पर विपक्ष का निशाना, कहा- सिर्फ नाम बदलने से लोगों को क्या मिलेगा – Daily Kiran
Thursday , 9 December 2021

पीएम पोषण योजना पर विपक्ष का निशाना, कहा- सिर्फ नाम बदलने से लोगों को क्या मिलेगा

नई दिल्ली (New Delhi) . केंद्र की मोदी कैबिनेट ने सरकारी और सह-सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड-डे मील योजना को अब नया रूप देते हुए इसे अब प्रधानमंत्री पोषण योजना का नाम दिया है. सरकार अगले पांच साल में इस योजना पर 1.31 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी. केंद्र सरकार (Central Government)के इस तरह योजना के नाम बदलने पर राजनीतिक बवाल भी छिड़ गया है. विपक्ष के कई दलों ने केंद्र सरकार (Central Government)को निशाने पर लिया है. ऐसे में इस विवाद के पीछे क्या कारण है, स्कीम में क्या बदलाव हुआ है और विपक्ष क्या कह रहा है.

केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री पोषण योजना को मंजूरी दी है, इसके तहत देश के करीब 11.5 लाख सरकारी और सह-सरकारी स्कूलों में चलने वाली मिड-डे मिल योजना का रूप बदला गया है. सरकार का कहना है कि इस योजना के अंतर्गत करीब 11.80 करोड़ बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा.
खास बात ये है कि इस बार इस योजना में तिथि भोजन को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत सामुदायिक तौर पर भी लोगों को बच्चों के लिए खाने की व्यवस्था करने दी जाएगी. केंद्र की ये योजना साल 2021-22 से 2025-26 तक लागू रहेगी, जिसके तहत आठवीं क्लास तक के बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाएगा. पूरी योजना का आर्थिक भारत केंद्र और राज्य की सरकारों पर पड़ेगा, हालांकि केंद्र सरकार (Central Government)राशन का खर्च खुद ही वहन करेगी. योजना के तहत वक्त-वक्त पर ऑडिट, खाने की जांच, अलग-अलग कार्यक्रमों को शामिल किया जाएगा.

सरकार की इस योजना का विपक्ष ने विरोध किया है, विपक्ष का आरोप है कि सिर्फ पुरानी स्कीम का नाम बदला गया है और उसे पूरी तरह के निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की गई है. तृणमूल कांग्रेस की सांसद (Member of parliament) महुआ मोइत्रा का कहना है कि सरकार को मिड डे मील का नाम बदलने की जगह सीधा कहना चाहिए कि अडानी सभी इंफ्रास्ट्रक्चर को टेकओवर कर रहे हैं. वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने भी इस मसले पर ट्वीट किया. मनीष सिसोदिया ने लिखा कि मिड डे मील स्कीम का नाम बदल कर पीएम पोषण कर दिया गया है. नाम बदलने से यह कैसे सुनिश्चित होगा कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में पीएम पोषण के नाम पर भी बच्चों को केवल नमक-तेल रोटी नहीं परोसी जाएगी? और अगर किसी ज़मीनी पत्रकार ने मामला उठाया तो उसे छह महीने जेल में नहीं काटने पड़ेंगे?

विपक्ष से इतर केंद्र सरकार (Central Government)के मंत्रियों, बीजेपी के नेताओं ने इस नई स्कीम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का शुक्रिया किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया कि बच्चों के पोषण व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति मोदी सरकार हमेशा से संवेदनशील रही है. देशभर के 11.2 लाख से ज्यादा सरकारी स्कूलों के 11.80 करोड़ बच्चों को मुफ्त पौष्टिक भोजन देने हेतु 1.31 लाख करोड़ की पीएम पोषण योजना को मंजूरी देने पर पीएम मोदी का आभार व्यक्त करता हूं.

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