Saturday , 19 June 2021

विपक्ष ने ओली की सरकार की लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों का समर्थन नहीं करने का अनुरोध किया

काठमांडू . नेपाल के विपक्षी गठबंधन ने देश की सभी संस्थाओं से प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार की असंवैधानिक तथा लोकतंत्र विरोधी गतिविधियों का समर्थन नहीं करने का अनुरोध किया है. साथ ही उसने उम्मीद जतायी कि संसद के निचले सदन को भंग करने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दाखिल की गईं याचिकाओं पर फैसला उसके पक्ष में आएगा. मीडिया (Media) में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई है. नेपाल के उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने संसद के निचले सदन को भंग करने के लिये दायर 30 रिट याचिकाओं पर शुक्रवार (Friday) को सुनवाई की थी.

इसके बाद सुनवाई की अगली तारीख रविवार (Sunday) यानी 30 मई तय की थी. राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने 22 मई को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा को पांच महीने में दूसरी बार भंग कर दिया था. उन्होंने प्रधानमंत्री ओली की सलाह पर 12 और 19 नवंबर को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की थी. राष्ट्रपति ने सरकार गठन के प्रधानमंत्री ओली और विपक्षी गठबंधन दोनों के दावों को अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया था. ओली और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा ने प्रधानमंत्री पद के लिये अलग-अलग दावे पेश किये थे.

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