विपक्ष ने असम में विधानसभा सत्र को किया बाधित, राज्यपाल ने अपना भाषण किया छोटा

गुवाहाटी, 5 फरवरी . असम में बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर कार्यवाही बाधित की, इसके कारण राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को अपना भाषण छोटा करना पड़ा.

कटारिया ने अपने 88 पन्नों के भाषण की कुछ पंक्तियां ही पढ़ी थीं कि सदन में अपने संबोधन के दौरान कांग्रेस, सीपीआई-एम और निर्दलीय विधायकों के लगातार विरोध के कारण उन्हें अंतिम पैराग्राफ पर जाना पड़ा.

राज्यपाल ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ और विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया ने स्पीकर को ऑडियो सिस्टम के खराब होने की जानकारी दी.

राज्यपाल जब अपना व्याख्यान दे रहे थे, तो अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी ने विपक्षी सदस्यों को बिना हस्तक्षेप अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा.

इसी दौरान विपक्षी सदस्य खड़े हो गये और ऑडियो सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाते रहे. कुछ सदस्यों ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम का विरोध, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, बेतरतीब निष्कासन अभियान और भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस के राज्य प्रमुख भूपेन बोरा पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने में असमर्थता के कारण गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री का इस्तीफा जैसे नारे लिखी तख्तियां प्रदर्शित कीं.

राज्यपाल के सदन से चले जाने के बाद अध्यक्ष ने सदस्यों को सूचित किया कि भाषण पढ़ा हुआ समझा जाता है.

फिर उन्होंने सदन के प्रत्येक सदस्य से पारंपरिक चाय पार्टी के लिए कहा, लेक‍िन विपक्ष ने इसका बहिष्कार किया.

वार्षिक बजट 12 फरवरी को पेश किया जाएगा.

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