यांगून, 5 अप्रैल . भूकंप से तबाह म्यांमार को मानवीय सहायता जारी रखते हुए भारत ने शनिवार को चल रहे ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत अतिरिक्त 442 टन खाद्य सहायता पहुंचाई.
राहत सामग्री लेकर भारतीय नौसेना का जहाज घड़ियाल म्यांमार के थिलावा बंदरगाह पहुंचा. म्यांमार में भारतीय राजदूत अभय ठाकुर ने इसे औपचारिक रूप से यंगून के मुख्यमंत्री यू सोई थीन और उनकी टीम को सौंप दिया.
यंगून में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रभावित लोगों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं. भारतीय नौसेना के लैंडिंग शिप टैंक आईएनएस घड़ियाल द्वारा लाई गई खाद्य सहायता (चावल, खाना पकाने का तेल, नूडल्स और बिस्कुट) की एक बड़ी खेप शनिवार को थिलावा बंदरगाह पर पहुंची. राजदूत अभय ठाकुर ने इसे यंगून के सीएम यू सोई थीन और उनकी टीम को सौंप दिया.”
भारत ने 28 मार्च को म्यांमार में आए विनाशकारी 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद खोज और बचाव (एसएआर), मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया.
अपने पड़ोस में संकट के समय ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में कार्य करते हुए, भारत ने 1 अप्रैल तक 625 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री पहुंचाने के लिए छह विमान और पांच नौसैनिक जहाज भेजे थे.
पीएम मोदी ने शुक्रवार को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान म्यांमार के प्रधानमंत्री और राज्य प्रशासन परिषद के अध्यक्ष वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की और देश में आए विनाशकारी भूकंप के बाद की स्थिति पर चर्चा की. वरिष्ठ जनरल ने मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत भारत द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया.
प्रधानमंत्री ने संदेश दिया कि संकट के इस समय में भारत म्यांमार के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर और अधिक भौतिक सहायता और संसाधन तैनात करने के लिए तैयार है. पीएम मोदी ने समावेशी और विश्वसनीय चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जल्द बहाली के महत्व को भी रेखांकित किया था.
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एससीएच/एकेजे