कभी थे नजरबंद मिलेंगी नजरें पीएम मोदी संग इन नेताओं की मीटिंग अहम

जम्मू (Jammu) . जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने को लेकर घाटी के नेताओं और केंद्र सरकार (Central Government)में जारी तल्खी के बीच अब बातचीत की कवायद शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) कश्मीरी नेताओं के साथ एक अहम बैठक कर रहे हैं. पीएम मोदी की इस बैठक में जम्मू-कश्मीर की आठ राजनीतिक पार्टियों के करीब 14 नेता शामिल हो रहे हैं. इनमें से ज्यादातर नेता वे हैं, जिन्हें आर्टिकल 370 हटने के दौरान नजरबंद कर दिया गया था और महीनों बाद रिया किया गया. इस तरह से 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35 ए हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद पीएम मोदी की राज्य के सभी दलों के नेताओं के साथ यह पहली मुलाकात हो रही है. कश्मीरी नेताओं के साथ पीएम मोदी की यह बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसमें घाटी के उन बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है, जो काफी समय तक नजरबंद रखे गए थे और जो अब तक आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर नाराज हैं. फारूक अब्दुल्ला से लेकर महबूबा मुफ्ती की नजबबंदी और रिहाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ यह पहली बैठक है.

आर्टिकल 370 के हटने को लेकर केंद्र सरकार (Central Government)और कश्मीरी नेताओं के बीच बातचीत का दौर काफी समय तक बंद रहा, मगर इस बैठक से केंद्र और कश्मीरी नेताओं के बीच के रिश्तों पर जमी बर्फ को पिघलाने में मदद मिल सकती है. दरअसल, इस बैठक में ऐसे कुछ बड़े नाम हैं, जो काफी समय तक नजरबंद कर दिए गए थे और इन्हीं लोगों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ मुलाकात है. महबूबा मुफ्ती से लेकर अब्दुल्ला तक महीनों नजरबंदी के बाद रिहा हुए. महबूबा मुफ्ती जहां करीब एक साल से अधिक समय तक नजरबंद रहीं, वहीं उमर अब्दुल्ला करीब आठ महीने, फारूक अब्दुल्ला छह महीने और सज्जाद लोन एक साल तक नजरबंदी के बाद रिहा हुए. इन सभी नेताओं की पीएम मोदी से सीधी मुलाकात होगी और कश्मीर को लेकर आमने-सामने बात होगी. हालांकि, इस बैठक से चीजें कुछ हद तक ठीक होने के संकेत मिल रहे हैं. एक कदम बढ़ते हुए जहां केंद्र सरकार (Central Government)ने बातचीत के दरवाजे खोले हैं, वहीं कश्मीरी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वह खुले दिल से केंद्र सरकार (Central Government)के साथ वतन और कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार हैं. सीपीआईएम नेता युसूफ तारिगामी ने कहा कि हम चाहते हैं कि यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की परेशानियों, मुद्दों को सुलझाने की एक अच्छी पहल हो. वहीं, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हम मीटिंग में अपनी बात रखेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की इस बैठक में न सिर्फ 8 राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं, बल्कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत कई दिग्गज नेता शामिल हो रहे हैं. इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और गुपकार समूह के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, एनसी प्रमुख उमर उब्दुल्ला, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन, जम्मू (Jammu) एंड कश्मीर अपनी पार्टी के प्रमुख अल्ताफ बुखारी, भाजपा के रवींद्र रैना, निर्मल सिंह समेत अन्य कई नेता शामिल हो रहे हैं.

Please share this news