राजस्थान में धार्मिक स्थल खोलने की मांग पर सीएम गहलोत ने कहा- फैसला एक-दो दिन में


जयपुर (jaipur) . राजस्थान (Rajasthan)में धार्मिक स्थलों को खोलने का फैसला एर-दो दिन में किया जाएगा. यह बात सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कही. इसके पूर्व सीएम गहलोत ने राजनीतिक दलों के प्रतिनधियों के साथ ही सांसदों, विधायकों, धर्मगुरुओं, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और एनजीओ प्रतिनिधियों से ओपन संवाद किया. इस दौरान धर्मगुरुओं ने धार्मिक स्थलों को खोले जाने की मांग उठाई. मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत और दरगाह शरीफ के प्रतिनिधि के साथ ही अन्य धर्मगुरुओं ने कहा कि अब जबकि सभी क्षेत्रों को लॉकडाउन (Lockdown) से राहत दी गई है तो धार्मिक स्थलों को भी कुछ राहत राज्य सरकार (State government) द्वारा दी जानी चाहिए.

बैठक में धर्मगुरुओं ने कहा कि अब जरुरत केवल दवाओं की नहीं है बल्कि दुआओं की भी है. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है लिहाजा इन्हें खोला जाए. इस पर सीएम गहलोत ने कहा कि जल्द ही धार्मिक स्थल खोलने पर निर्णय लिया जाएगा. उधर, माकपा विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि चूंकि अब केन्द्र सरकार ने 18 प्लस उम्र के सभी लोगों को फ्री वेक्सीनेशन की घोषणा कर दी है, लिहाजा विधायक कोष से राज्य सरकार (State government) द्वारा लिया गया 3-3 करोड़ रुपया विधायकों को विकास कार्यों के लिए लौटाया जाना चाहिए. विधायक कोष से ली गई 3-3 करोड़ की राशि पर गहलोत ने कहा कि इस राशि को फिर से विधायक कोष में डालने पर जल्द ही विचार करेंगे. लेकिन इस राशि को खर्च करने के लिए प्रोटोकॉल तय होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस साल यह पूरी राशि हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ही खर्च की जाए भले ही अगले साल से विधायक इस राशि पर अपने विवेक से फैसला ले सकेंगे. पिछले दिनों उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ और चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा के बीच ट्वीट वार चर्चित रहा था.

वीसी के दौरान दोनों एक बार फिर आमने-सामने हुए. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने हालांकि सीधे राजेन्द्र राठौड़ पर कोई टिप्पणी नहीं कि लेकिन उन्होंने अपने वक्तव्य में केन्द्र सरकार और भाजपा पर निशाने साधे. चिकित्सा मंत्री के बाद जब उप नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका मिला तो उन्होंने चिकित्सा मंत्री पर सीधे तौर पर हमला बोला. राठौड़ ने कहा कि चिकित्सा मंत्री को वैक्सीनेशन को लेकर रोडमैप बताना चाहिए था, लेकिन उन्होंने केवल अपनी गाथा गाकर इति कर ली. उन्होंने कहा कि भारत सरकार पर हमला बोलने वाले चिकित्सा मंत्री को यह भी बताना चाहिए था कि अब तक वैक्सीन हमेशा विदेश से आती रही हैं लेकिन इस बार वैक्सीन देश में ही ईजाद हुई.

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