स्वर्णिम धरोहर सम्मानित होने पर बोले उत्तम सिंह, ‘लता जी के साथ काम करना हर कलाकार की पहली ख्वाहिश होती थी’

Mumbai , 4 फरवरी . भारतीय संगीत निर्देशक और प्रसिद्ध वायलिन वादक उत्तम सिंह को स्वर्णिम धरोहर लता मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार हर साल 6 फरवरी को महान गायिका लता मंगेशकर की पुण्यतिथि पर दिया जाता है, लेकिन इस बार यह समारोह 7 फरवरी को रायपुर में आयोजित किया जाएगा. इस मौके पर उत्तम सिंह ने से बात की और लता मंगेशकर के योगदान और उनके साथ काम के अनुभवों को साझा किया.

से बात करते हुए उत्तम सिंह ने कहा, ”लता जी मेरे लिए सिर्फ एक गायिका नहीं बल्कि साक्षात सरस्वती जैसी थीं. कलाकारों की पूजा के पीछे की भावना और संगीत की दिव्यता का अनुभव लता जी में साफ दिखाई देता था. मैंने लगभग 40 साल तक लता मंगेशकर के साथ काम किया और इस दौरान कई गानों के अरेंजमेंट किए. उस दौर में हर गायक, संगीतकार, निर्देशक और Actor की पहली इच्छा यही रहती थी कि उनकी फिल्म में लता मंगेशकर का गाना हो.”

उत्तम सिंह ने अपने करियर के शुरुआती अनुभव भी साझा किए. उन्होंने कहा, ”मेरा पहला गाना ‘कब तक शमा जली,’ जो 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘पेंटर बाबू’ का था, तो लता जी और महेंद्र कपूर ने मिलकर गाया. मेरे दस गानों में से लगभग आठ गाने लता मंगेशकर की आवाज में होते थे. यह मेरा सौभाग्य है. मेरे जीवन में यह सम्मान और पुरस्कार सरस्वती की कृपा का परिणाम है.”

उन्होंने कहा, ”यह स्वर्णिम धरोहर पुरस्कार मेरे लिए तीसरा सम्मान है, जिसमें पहले Maharashtra Government और Madhya Pradesh Government के अवार्ड शामिल हैं.”

उत्तम सिंह ने लता मंगेशकर की आवाज की खासियत पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, ”लता जी की आवाज में ऐसा मिठास और भाव था, जिसे भगवान ने ही बनाया था. जब वह बोलती थीं तो उनकी आवाज में मिठास होती थी, और जब वह गाती थीं तो उसका आनंद और भी बढ़ जाता था. लता जी की आवाज और उनका संगीत इस दुनिया में हमेशा जीवित रहेगा. जब तक संगीत रहेगा, लता मंगेशकर का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों तक याद किया जाएगा.”

पीके/जीकेटी

Leave a Comment