Friday , 5 March 2021

अब सीधे श्रीलंका जा सकेगा इमरान का विमान, भारत ने दी अपना एयरस्‍पेस इस्तेमाल करने की मंजूरी

नई दिल्‍ली . भारत ने पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के विमान को अपने एयरस्‍पेस के इस्‍तेमाल करने की मंजूरी दे दी है. मंगलवार (Tuesday) को श्रीलंका रवाना हो रहे इमरान खान अब सीधे श्रीलंका पहुंच पाएंगे. अगर भारत एयरस्‍पेस इस्‍तेमाल करने की अनुमति नहीं देता तो इमरान के विमान को खासा घूमकर लंबे रास्‍ते से श्रीलंका पहुंचना पड़ता.

श्रीलंका ने इमरान खान का संसद में प्रस्‍तावित भाषण रद्द कर दिया है. पाकिस्‍तानी मीडिया (Media) में इसे लेकर खूब हो-हल्‍ला मचाया गया कि भारत के दबाव में श्रीलंका ने ऐसा किया है. सन 2019 में, अमेरिका और सऊदी अरब जाने के लिए पाकिस्‍तान ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के विमान के लिए अपना एयरस्‍पेस खोलने से इनकार कर दिया था.

आमतौर पर परंपरा यह है कि वीवीआईपी विमानों को सभी देश अनुमति दे देते हैं. भारत ने इसकी शिकायत इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन में की थी. दो साल बाद भारत चाहता तो वह भी इमरान के विमान को एयरस्‍पेस में घुसने की इजाजत देने से मना कर सकता था, मगर उसने ऐसा नहीं किया. इमरान खान को कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के साथ मुलाकात करनी है. इसके अलावा वह एक निवेशक सम्मेलन में भी हिस्‍सा लेंगे. उनके 24 फरवरी को श्रीलंका की संसद को संबोधित करने का कार्यक्रम था, हालांकि बाद में श्रीलंकाई मीडिया (Media) में ऐसी खबरें आईं हैं कि इसे रद्द कर दिया गया है.

श्रीलंका के डेली एक्सप्रेस ने विदेश सचिव जयनाथ कोलमबेज के हवाले से कहा है कि स्पीकर महिंदा यापा अबेवर्देना ने कोविड-19 (Covid-19) के मद्देनजर संबोधन रद्द करने का अनुरोध किया था. हालांकि, इसी अखबार ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि श्रीलंकाई सरकार के भीतर ऐसे तत्व थे, जो चाहते थे कि इमरान का भाषण नहीं हो क्योंकि उन्हें डर था कि ऐसा करने से भारत के साथ संबंध और भी खराब हो सकते हैं, क्योंकि कोलंबो बंदरगाह में ईस्ट कंटेनर टर्मिनल पर एक सौदा रद्द होने से पहले से ही संबंधों में कड़ुवाहट है. ऐसी अटकलें थीं कि खान अपने भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे, जिससे भारत नाराज हो सकता है.

पाकिस्‍तानी मीडिया (Media) ने इसी पहलू पर खूब हल्‍ला मचाया था. एक और कयास यह था कि श्रीलंका में सरकार इस बात को लेकर चिंतित थी कि खान मुसलमानों के अधिकारों के बारे में बोल सकते हैं, जिन्होंने बौद्ध बहुमत, मुस्लिम विरोधी भावनाओं और बढ़ती सरकारी कार्रवाइयों के हाथों दुर्व्यवहार का सामना किया है. इसके अलावा, श्रीलंका सरकार ने देश में कोविड-19 (Covid-19) से मरने वाले मुसलमानों के लिए दाह संस्कार अनिवार्य कर दिया हालांकि, सरकार ने इस महीने की शुरुआत में मुस्लिमों को दाह-संस्कार से मुक्त कर दिया और उन्हें इस मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर विरोध के बाद अपने मृतकों को दफनाने की अनुमति दी. खान ने श्रीलंकाई सरकार के फैसले का स्वागत किया था.

Please share this news